हमीरपुर में भतीजे ने अपनी चाची की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। गुरुवार सुबह वह गांव में टहलने के लिए निकली थी। तभी भतीजे ने चाची को दौड़ाया। उनको पकड़कर कुल्हाड़ी से सीने और गर्दन पर ताबड़तोड़ वार किया। उसकी गर्दन कटकर चमड़े के बल लटक गई। इस दौरान गांव के लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, तो उसने उन्हें भी दौड़ा लिया। हत्याकांड के बाद आरोपी कुल्हाड़ी लेकर गांव की गलियों में घूमता रहा, फिर फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल को सील किया। हत्या के पीछे 2 महीने पहले चाचा के साथ हुआ विवाद बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी की तलाश में टीमों को लगाया है। वारदात मौदहा कोतवाली क्षेत्र के करहईया गांव की है। अब पढ़िए पूरी खबर… करहईया गांव में कल्ली (60) पत्नी मेडे़लाल खंगार अपने घर पर रहती थीं। उनके पति और दो बेटे ज्ञान सिंह और मान सिंह कानपुर में रहकर ठेके पर जमीन लेकर खेती करते हैं। कल्ली अक्सर पति और बेटों के पास कानपुर में रहती थीं और कभी कभी गांव आती थीं। कल्ली और आरोपी धर्मेंद्र (45) पुत्र शिवलाल के घर सामने से अलग-अलग हैं, लेकिन उनका आंगन एक ही है। दो महीने पहले चाचा ने मार दिया था डंडा
करहिया गांव के पूर्व प्रधान शिवशरण यादव ने बताया- 2 महीने पहले गांव के मंदिर में पूजा पाठ के दौरान धर्मेंद्र ने हवन कुंड के चारों तरफ लगे पत्थरों को हटा दिया था। जिसके चलते पूजा रोकनी पड़ी थी। उस समय कल्ली के पति मेड़ेलाल ने धर्मेंद्र को दो डंडे मार दिए थे। धर्मेंद्र उसी बात की रंजिश मानता था। वो मेड़ेलाल से मारपीट का बदला लेना चाह रहा था, लेकिन मेड़ेलाल गांव नहीं आए थे। तब तक मारता रहा, तब तक मौत नहीं हो गई
पिछले हफ्ते धर्मेंद्र की चाची कल्ली अपने घर लौटी थीं। धर्मेंद्र ने उनसे चाचा की मारपीट का विरोध किया, लेकिन कल्ली ने कोई जवाब नहीं दिया। इससे नाराज धर्मेंद्र ने गुरुवार सुबह करीब 8 बजे जैसे ही कल्ली अपने घर की गली में टहलने निकलीं, उनको दौड़ा लिया। धर्मेंद्र ने उनको पकड़कर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार करने लगा। वह तब तक कुल्हाड़ी मारता रहा, जब तक उनकी मौत नहीं हो गई। कल्ली के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन कोई कल्ली को बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। नीलम बोलीं- हम लोग पहुंचे तो हमें भी दौड़ा लिया
प्रत्यक्षदर्शी नीलम ने बताया- जैसे ही हम लोग धर्मेंद्र को रोकने के लिए आगे बढ़े, तो उसने हम लोगों को भी दौड़ा लिया। जिसके चलते कोई उसे रोकने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। उसके बाद वो गांव में कुल्हाड़ी लहराते हुए फरार हो गया। धर्मेंद्र ने चाची के गले पर कई वार किए, जिससे गर्दन का थोड़ा सा हिस्सा ही धड़ से जुड़ा है, अधिकांश गर्दन कटकर धड़ से अलग हो गई, जिससे कल्ली मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंचे सीओ राजकुमार पाण्डेय और कोतवाली प्रभारी उमेश कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सील किया। पूरे इलाके को घेरकर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी की तलाश में कई टीमों को लगाया गया है। एएसपी मनोज कुमार गुप्ता ने बताया आरोपी धर्मेंद्र ने सुबह अपनी बुजुर्ग चाची की हत्या की है। उसने कुल्हाड़ी से वार किए हैं। हत्याकांड के बाद वो गांव से फरार हो गया। उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। वो मानिसक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। ——————- ये खबर भी पढ़ें सपा विधायक सुधाकर सिंह का निधन:मुख्तार के बेटे के रिसेप्शन से लौटने के बाद तबीयत बिगड़ी, लखनऊ के मेदांता में अंतिम सांस ली मऊ की घोसी विधानसभा से सपा विधायक सुधाकर सिंह का निधन हो गया है। वे 67 साल के थे। परिवार के मुताबिक, सुधाकर सिंह 17 नवंबर को दिल्ली में उमर अंसारी के मैरिज रिसेप्शन में शामिल हुए थे। 18 नवंबर यानी मंगलवार रात सुधाकर सिंह दिल्ली से लौटे थे। पूरी खबर पढ़ें