बांके बिहारी जी के दर्शन घर बैठे हो सकेंगे:होली से लाइव स्ट्रीमिंग, भीड़ कंट्रोल के लिए फैसला, वीकेंड पर 1 लाख से अधिक श्रद्धालु आते

अब बांके बिहारी जी की आरती और पूजा में दुनिया के किसी कोने में बैठकर श्रद्धालु शामिल हो सकेंगे। होली तक बांके बिहारी जी की पूजा आरती की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू कर दी जाएगी। मंदिर की हाई पॉवर्ड कमेटी ने प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। दरअसल, बांके बिहारी मंदिर में हर दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालु घंटों की कतार और धक्का-मुक्की से जूझते हुए किसी तरह उनका दर्शन कर पाते हैं। भीड़ को नियंत्रित करना भी व्यवस्थापकों के लिए एक मुश्किल भरा काम होता है। मंदिर कमेटी के अनुसार, रोजाना 20-25 हजार श्रद्धालु दर्शन को आते हैं जबकि वीकेंड पर यह संख्या चार से पांच गुनी बढ़ जाती है। बड़े त्योहार और पर्व पर यह संख्या कई लाख तक पहुंच जाती। कमेटी का मानना है कि लाइव स्ट्रीमिंग होने से श्रद्धालुओं की भीड़ को कंट्रोल करना आसान होगा। बुजुर्गों को इससे काफी राहत मिलेगी। अब जानिए हाई पॉवर्ड कमेटी के प्रमुख निर्णय… 1-खुद के खर्च पर कंपनी कराएगी लाइव स्ट्रीमिंग मथुरा में बांके बिहारी मंदिर हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी की आठवीं बैठक हुई। बैठक में 14 पॉइंट पर चर्चा की गई। जिसमें सबसे अहम चर्चा बांके बिहारी मंदिर में भीड़ नियंत्रित करने को लेकर हुई। कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड न्यायधीश हाई कोर्ट अशोक कुमार ने बताया कि भीड़ नियंत्रण के लिए चर्चा की गई है। दर्शन की लाइव स्ट्रीमिंग कराने का निर्णय लिया गया है। लाइव स्ट्रीमिंग के लिए 2 कंपनी आई थी। एक कंपनी को फाइनल किया गया है। यह कंपनी खुद के खर्चे पर लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था करेगी। उम्मीद है कि होली तक लाइव दर्शन की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। भक्त घर बैठे दर्शन कर सकेंगे। इससे मंदिर की व्यवस्था भी नियंत्रण में रहेगी। 2- आंगन में रेलिंग कराने पर भी विचार मंदिर के सेवायत और कमेटी सदस्य दिनेश गोस्वामी ने कहा- भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिर परिसर स्थित आंगन में रेलिंग लगाई जाए। कोविड-19 के दौरान मंदिर के आंगन में फर्श कराई गई थी। इस दौरान 40-50 फीट गहराई तक पाइलिंग कराई गई। IIT रुड़की के सर्वे में इसे मजबूत बताया गया। टीम ने रेलिंग कराने की सहमति भी दे दी थी। 3- दानपात्र खोलते समय नहीं रहेंगे वकील मौजूद अक्टूबर तक मंदिर में दानपात्र खोलने की प्रक्रिया पहले की तरह चल रही थी। जिसमें दानपात्र खुलने के समय बैंक स्टाफ, मंदिर कर्मियों के अलावा मथुरा मुंसिफ कोर्ट द्वारा निर्धारित 4 वकील मौजूद रहते थे। गुरुवार देर शाम हुई मीटिंग में तय किया गया कि अब दानपात्र खुलने के समय कोई एडवोकेट नहीं रहेंगे।
इससे उनको दिए जाने वाले अनुदान की बचत होगी। नबंवर में अब जब दानपात्र खुलेंगी, उस समय मंदिर सेवायतों में से एक पर्यवेक्षक के रूप में रहेंगे। इसके अलावा बैंक स्टाफ दानपात्र में आई धनराशि की गिनती करेगा। 4- बांके बिहारी जी का प्राकट्य उत्सव भव्यता से मनाया जाए बैठक में तय किया गया कि बांके बिहारी जी का प्राकट्य उत्सव भव्यता से मनाया जाए। पिछले वर्ष शोभायात्रा और मंदिर पर की गई सजावट पर 4 लाख 60 हजार रुपए खर्च किए गए थे। इस बार 7 लाख रुपए खर्च किये जाएंगे। 5- सफाई व्यवस्था के लिए खरीदे जाएंगे आधुनिक उपकरण कमेटी ने साफ-सफाई सही से नहीं होने पर भी चर्चा की। तय हुआ कि मंदिर कैंपस में साफ-सफाई बेहतर करने के लिए आधुनिक सफाई उपकरण खरीदे जाएंगे। इसके लिए प्रेशर मशीन, वैक्यूम क्लीनर, फ्लोर क्लीनिंग मशीन सहित अन्य उपकरणों की खरीदी होगी। साथ ही इन उपकरणों को सही तरीके से चलाने के लिए संविदा पर कर्मचारी रखे जाएंगे। 6- मंदिर में नियुक्त होगा अकाउंटेंट, सिक्योरिटी एजेंसी के पेमेंट में खामियां मिली कमेटी ने निर्णय लिया कि एक अकाउंटेंट नियुक्त किया जाएगा। कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड न्यायधीश हाई कोर्ट अशोक कुमार ने बताया कि कमेटी ने डेढ़ महीने पहले सीए फर्म की नियुक्ति की थी। वाई के गुप्ता एण्ड कम्पनी चार्टर्ड एकाउटेंट ने मंदिर के वित्तीय लेनदेन की ऑडिट की थी। ऑडिट में कई तरह की वित्तीय अनियमितता मिली। सबसे बड़ी अनियमितता सिक्योरिटी एजेंसी से जुड़े पेमेंट का है। उन्होंने बताया कि एक वर्ष में एक करोड़ तो दूसरे वर्ष में पौने 2 करोड़ खर्च दिखाए गए हैं। इतना चेंज क्यों आया, इस पर फर्म से डिटेल मांगी है। 7- मंदिर के चबूतरे से हटाया जाएगा अतिक्रमण मंदिर के चबूतरे पर गेट नं-1, 2 व 3 के पास काफी अतिक्रमण किए गए हैं। अतिक्रमण को हटाने के लिए कमेटी ने निर्णय लिया। साथ ही मंदिर परिसर के आसपास की बिल्डिंग और दुकानों को व्यवस्थित करने के लिए रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश मिश्रा के अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई। कमेटी एक विस्तृत रिपोर्ट देगी कि व्यवस्थित करने के लिए क्या आसपास मौजूद मकानों या दुकानों को खरीदा जाए, अगर खरीदनी हो तो क्या उसके मालिक सहमत हैं, उनको क्या कीमत देनी पड़ सकती है। हाई पॉवर्ड कमेटी में कौन-कौन? हाई पॉवर्ड कमेटी की मीटिंग में जिला एवं सत्र न्यायाधीश और कमेटी सदस्य विकास कुमार, मुंसिफ -सिविल जज श्रीमती शिप्रा दुबे, जिला मजिस्ट्रेट और कमेटी सचिव चन्द्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, नगर आयुक्त मथुरा-वृन्दावन नगर निगम जग प्रवेश, उपाध्यक्ष मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण श्याम बहादुर सिंह मौजूद रहे। इसके अलावा अधीक्षण पुरातत्वविद् भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण आगरा डॉ स्मिता एस कुमार, गोस्वामी राजभोग समूह से शैलेन्द्र गोस्वामी, श्रीवर्धन गोस्वामी शयन भोग समूह से दिनेश कुमार गोस्वामी, विजय कृष्ण गोस्वामी (बब्बू) उपस्थित रहे। ………….. पढ़िए पूरी खबर… यूपी में बच्चे की पीठ पर पूंछ क्यों निकली?:जन्म से पहले सबकी होती है; इंसानों और जानवरों की पूंछ में क्या अंतर मऊ जिले में डेढ़ साल के सूर्यांश के शरीर में पूंछ निकल आई, जो उम्र के साथ बढ़ने लगी। यह देख उसके घरवाले उसे हनुमानजी मानकर पूजने लगे। बच्चे को चलने और कहीं पूंछ छू जाने से तेज दर्द होता था। उसके मां-बाप बच्चे को लेकर लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उनकी काउंसलिंग की। सर्जरी करके बच्चे की पूंछ हटा दी। पढ़ें पूरी खबर..