उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना में
टार्गेट, ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी पर फोकस कर उद्योगों की स्थापना की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना में प्रत्येक जिले में काम से कम 1000 यूनिट स्थापित कराई जाए।यूनिटों की स्थापना के लिए कैंप लगाकर लोगों को प्रेरित किया जाए।
इसके रुहेलखंड, बुंदेलखंड व ब्रज क्षेत्र में विशेष रूप से फोकस किया जाए।हर कार्य में पारदर्शिता स्पष्ट रूप से झलकनी चाहिए।
शुक्रवार को कालीदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित विभाग की समीक्षा बैठक में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विभाग के कामकाज की गति धरातल पर नजर आनी चाहिए। खाद्य प्रसंस्करण के सभी अच्छे कार्यों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड कराया जाए।
टी एच आर प्लांट की सभी यूनिटों को सोलर पावर से जुड़वाने की कार्यवाही व अविलम्ब पूरी की जाए,इसके लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन त्वरित कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण केंद्रों का दायरा बढ़ाया जाए। कहा कि उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति में 428 यूनिट स्थापित, 192 की सब्सिडी जारी, 58 में सोलर पावर प्लांट लगाये गये हैं। उत्तर खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर है। विभाग के अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा ने बताया कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर है, सबसे अधिक खाद्य प्रसंस्करण के उद्योग स्थापित हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 75000 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित हैं। 3.5 लाख इकाइयां असंगठित क्षेत्र (एम०एस०एम०ई०) की है। 2900 इकाई लगभग 100 करोड टर्न-ओवर वाली है। पीएम एफएमई योजना के अन्तर्गत इस वर्ष स्वीकृत प्रस्ताव सर्वाधिक हैं, जिनका स्ट्राइक रेट 98 प्रतिशत है जो कि प्रथम स्थान पर है। पीएमएफएमई योजना के अन्तर्गत 21057 से अधिक इकाइयों को अनुदान स्वीकृति प्रदान की गयी है। खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से 10.0 लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का सृजन किया गया है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के संबन्ध में अवगत कराया गया कि वर्ष 2023 से अद्यतन 1394 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए जिसमें से कतिपय कमियों एवं डुप्लीकेट होने के कारण 966 आवेदन प्री अप्रेजल, अप्रेजल एवं एस०एल०ई०सी० द्वारा निरस्त किए गये। अनुदान धनराशि प्रथम द्वितीय किश्त के रूप में वर्ष 2023 से अब तक कुल स्वीकृत धनराशि रू. 600 करोड़ के सापेक्ष रु0 192.33 करोड़ व्यय हुआ है। कुल 190 निवेशकों को अनुदान दिया गया। 65 इकाइयों को दोनों किश्त एवं 125 इकाइयों को प्रथम किश्त का भुगतान किया गया है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि हर महीने खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित राज्य स्तरीय अभिनवीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराए जाएं। बैठक में बताया गया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 में प्राप्त प्रस्तावों के परीक्षण के लिए त्रिस्तरीय समिति का गठन किया गया है। साथ ही राज्य स्तरीय एम्पावर्ड कमेटी की संस्तुति के बाद इकाइयों के स्थलीय निरीक्षण एवं रिपोर्टिंग के लिए प्रदेश में स्थापित 17 केन्द्रीय एवं राजकीय विश्वविद्यालयों/ संस्थाओं को थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसी नियुक्त किया गया। आज उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत लखनऊ में स्थापित बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो० राजकुमार मित्तल एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के उप निदेशक के मध्य समझौता एमओयू भी साइन किया गया।
इस अवसर पर बी०एल० मीणा, अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, उ०प्र० शासन एवं बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के डीन प्रो० वेक्टर बाबू एवं प्रो० कोमल सिंह, विभागाध्यक्ष, फूड प्रोसेसिंग भी मौजूद थे।