लखनऊ में विधानसभा निर्वाचन नामावली के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को गति देने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम विशाख जी ने शुक्रवार को कैंट विधानसभा क्षेत्र के कई बूथों का अचानक निरीक्षण किया। उन्होंने गणना प्रपत्रों के संग्रह, मतदाताओं से संपर्क और मोबाइल ऐप पर फीडिंग की प्रगति का बारीकी से आकलन किया। निरीक्षण की शुरुआत विजय नगर स्थित टेक्निकल इंटरमीडिएट कॉलेज से हुई, जहां डीएम विशाख जी ने बूथ संख्या 79, 78, 80, 81, 82, 83, 84, 85 और 86 का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद बूथ लेवल अधिकारियों से मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रगति पर विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद डीएम कृष्णा नगर स्थित महानगर इंटर कॉलेज पहुंचे और बूथ संख्या 89, 90, 91, 92 और 95 पर निर्वाचन तैयारियों की स्थिति देखी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि सभी दस्तावेज निर्धारित समयसीमा के भीतर संकलित और डिजिटाइज़ हो जाएं। गणना प्रपत्रों का समय पर संकलन अनिवार्य, बीएलओ को सख्त निर्देश डीएम ने बीएलओ से यह भी पूछा कि मतदाताओं से संपर्क किस स्तर पर पहुंचा है और फॉर्म्स की फीडिंग मोबाइल एप पर किस गति से हो रही है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी गणना प्रपत्र 4 दिसंबर 2025 से पहले हर हालत में संकलित कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का पारदर्शी और त्रुटिरहित पुनरीक्षण आगामी विधानसभा चुनावों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्वाचक नामावली संशोधन को पारदर्शी बनाने पर जोर निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों से कहा कि नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, पते में बदलाव, नाम विलोपन और डुप्लीकेशन हटाने की प्रक्रिया को पूरी सावधानी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि बीएलओ घर–घर जाकर सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से छूट न जाए। उन्होंने फील्ड टीमों से कहा कि मोबाइल ऐप पर समय पर फीडिंग निर्वाचन आयोग की निगरानी का अहम हिस्सा है, इसलिए सभी प्रविष्टियां सटीक और अद्यतन होनी चाहिए। मतदाता सूची पुनरीक्षण अब अंतिम चरण में, प्रशासन पूरी तरह सक्रिय प्रशासन के अनुसार विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम अब अंतिम चरण में है और आने वाले दिनों में फील्ड वेरिफिकेशन और डेटा फीडिंग को पूरी क्षमता से आगे बढ़ाया जाएगा। डीएम ने कहा कि लखनऊ जिले में निर्वाचक नामावली को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे आगामी चुनाव प्रक्रिया सहज रूप से संचालित हो सके।