बागपत जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक बंदी आलम की दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने बताया कि आलम लंबे समय से कैंसर से पीड़ित था। गंभीर बीमारी के चलते उसे नियमित चिकित्सा परामर्श के बाद दिल्ली रेफर किया गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आलम को 30 सितंबर को तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी। कैंसर के अंतिम चरण में होने के कारण आलम की हालत कई दिनों से नाजुक बनी हुई थी। तमाम प्रयासों के बावजूद शनिवार शाम उसकी मृत्यु हो गई। जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने बताया कि आलम हत्या के मामले में दोषी था और आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान ही उसके कैंसर का पता चला था। नियमों के अनुसार, उसे बेहतर इलाज के लिए बाहर के अस्पताल में रेफर किया गया था। अधीक्षक ने यह भी बताया कि जेल प्रशासन की ओर से बंदी के उपचार में कोई कमी नहीं रखी गई और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। आलम की मौत की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए संबंधित अधिकारियों और मृतक के परिजनों को सूचित किया। शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड द्वारा कराया जाएगा, जिसके बाद ही उसे परिजनों को सौंपा जाएगा। इस घटना के बाद जेल परिसर में अन्य बंदियों में भी चिंता देखी गई, जिस पर प्रशासन ने सभी बंदियों को समय पर आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।