जालौन के कोंच नगर में आवारा कुत्तों के हमले से घायल हुए 17 लोगों की खबर दैनिक भास्कर में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। नगर पालिका प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर अब तक 24 संदिग्ध आवारा कुत्तों को कैटल कैप्चर की मदद से पकड़ लिया है। अभियान लगातार जारी है। रविवार को महेशपुरा रोड स्थित गिरवर नगर में एक पागल कुत्ते ने राहगीरों पर हमला कर दहशत फैला दी थी। शुरुआत में 9 लोग घायल हुए, बाद में यह संख्या 17 तक पहुंच गई। इनमें से 14 गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा। कई मरीजों के शरीर पर गहरे घाव मिले और उन्हें तत्काल एंटी-रेबीज वैक्सीन देनी पड़ी। घायल दयाशंकर ने बताया कि कुत्ता अचानक झपट रहा था और जो भी सामने आ रहा था, उसे काट रहा था। लोग चीखते-चिल्लाते भागते रहे, लेकिन कई उसकी चपेट में आ गए। दहशत और आक्रोश के बीच प्रशासन का त्वरित एक्शन घटना के बाद नगर में भय और गुस्से का माहौल था। सूचना मिलते ही एसडीएम कोंच ज्योति सिंह और नगर पालिका की ईओ मोनिका उमराव मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए टीमें गठित कीं। पूरे नगर में मुनादी कराई गई है कि यदि किसी मोहल्ले में संदिग्ध या हिंसक व्यवहार वाला कुत्ता दिखे, तो तुरंत सूचना दें। प्रशासन ने अपील की है कि लोग घबराएं नहीं और टीमों का सहयोग करें। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, लेकिन जमीनी हालात अभी भी चिंताजनक हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए राज्य सरकारों को टीकाकरण और नसबंदी कार्यक्रम प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने नागरिक सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए डॉग अटैक को गंभीर चिंता बताया था।लेकिन कोंच की यह घटना बताती है कि जमीनी स्तर पर हालात अभी भी नियंत्रण में नहीं हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन पहले कार्रवाई करता तो 17 लोग घायल होने की नौबत नहीं आती। लोगों ने मांगा है कि पागल कुत्ते को जल्द पकड़कर उपचार या नियंत्रण में लाया जाए और इलाके में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर रोक लगे। फिलहाल नगर पालिका की टीम कुत्ते की तलाश में जुटी है और अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी संदिग्ध कुत्तों को रेस्क्यू नहीं कर लिया जाता।