यूपी की नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद को चैलेंज करने वाली उनकी एक्स गर्लफ्रेंड डॉक्टर रोहिणी घावरी मुजफ्फरनगर रैली में नहीं पहुंचीं। रोहिणी ने एक दिन पहले मंगलवार को X पर लिखा था- अब मैं भी रैली में शामिल हो रही हूं। जो होगा देखा जाएगा। चंद्रशेखर खुद मुझे सुरक्षा देंगे, क्योंकि मुझे खरोंच भी आई तो वे जेल जाएंगे। डॉ. रोहिणी घावरी के इस ऐलान के बाद रैली में हंगामा होने की उम्मीद थी। रोहिणी की सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट हो गया था। हालांकि रोहिणी नहीं आईं। सांसद चंद्रशेखर और उनकी पूर्व गर्लफ्रेंड डॉ. रोहिणी घावरी के बीच विवाद चल रहा है। रोहिणी ने चंद्रशेखर के खिलाफ शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने, शादीशुदा होने की बात छिपाने, फ्रॉड केस करके कॅरियर बर्बाद करने, सुसाइड के लिए उकसाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। रोहिणी की X पोस्ट पढ़िए… अब बात चंद्रशेखर की रैली की… संविधान विरोधी ताकतों को चेतावनी दी
चंद्रशेखर ने संविधान दिवस पर बुधवार को मुजफ्फरनगर में रैली की। उन्होंने दिल्ली सरकार और यूपी सरकार पर निशाना साधा। कहा- जब तक जिंदा हूं, संविधान की तरफ आंखें उठने नहीं दूंगा। यह लड़ाई संविधान की रक्षा और समान अधिकारों की है, और बहुजन समाज इसे आखिरी सांस तक लड़ने के लिए तैयार है। चंद्रशेखर ने मंच से संविधान की किताब को लहराते हुए कहा- मैं ऐलान करता हूं, संविधान विरोधी ताकतों को चेतावनी देता हूं कि जब तक मैं जिंदा हूं, भीम पार्टी और आजाद अधिकारी पार्टी का वजूद है। हमारे कार्यकर्ता और पदाधिकारी जिंदा हैं, तब तक संविधान की तरफ आंख उठाने नहीं देंगे। अब चंद्रशेखर की 8 बड़ी बातें जानिए… भाजपा सरकार आवाज दबाना चाहती है
चंद्रशेखर ने कहा, बीजेपी सरकार बहुजन समाज की आवाज को दबाना चाहती है। हमें कुर्सी, राजकाज देना उन्हें गंवारा नहीं। सांसद ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक स्व. कांशीराम पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा- शुरुआत में तो कांशीराम बहुजन समाज की आवाज बने, पर बाद में उन्होंने उन्हीं लोगों से हाथ मिला लिया, जो बहुजन समाज का शोषण करते चले आ रहे थे। संघर्ष जिनसे था, उन्हीं से समझौता करना पड़ा
हमारे महापुरुषों ने संघर्ष की जो मशाल जलाई थी, वही आज भी बहुजन समाज के लोगों को रास्ता दिखा रही है। मान्यवर कांशीराम ने आंदोलन की बड़ी लकीर खींची और महापुरुषों के कारवां को उनके मकसद की ओर तेजी से आगे बढ़ाया था। लेकिन उनके जाने के बाद वही हुआ, जिसका डर हमेशा था। संघर्ष जिनसे था, उन्हीं से समझौते करने पड़े और बहुजन समाज को हाशिये पर धकेल दिया गया। इसी समझौते की वजह से आज हमारा अस्तित्व भी खतरे में है। आज संविधान की रक्षा सबसे जरूरी
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहा- उन्होंने बहुत पहले चेताया था कि मेरे जाने के बाद मुझे मरा मत समझना, जब तक संविधान जिंदा है, मैं जिंदा हूं। आज सबसे बड़ी जरूरत संविधान की रक्षा की है। ‘अलसी यात्रा’ का उद्देश्य भी पूरे देश में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, सुरक्षा और जागरूकता फैलाना है, ताकि नागरिक अपने अधिकारों के प्रति सजग बनें। कुर्सी पर बैठे लोग हमें अधिकार नहीं देना चाहते
2007 से 2012 की सरकार का जिक्र करते हुए कहा- वह गरीबों और बहुजन समाज की सरकार थी। हमारी लड़ाई किसी जाति या धर्म से नहीं, बल्कि हक, राजकाज और अधिकार से है। जो लोग आज कुर्सी पर बैठे हैं, वे अधिकार देना नहीं चाहते और हम बिना अधिकार के चैन से बैठने वाले नहीं हैं। अच्छे दिन तब आएंगे, जब राजकाज हमारा होगा
आज की रैली इस बात का भी जवाब है कि बीजेपी गरीब जनता को गुमराह कर रही है। असल अच्छे दिन उसी दिन शुरू हो गए थे। जब बाबा साहब अंबेडकर ने 26 नवंबर 1949 को संविधान सौंपा और 26 जनवरी 1950 को वह लागू हुआ। हमारे साथ धोखा यहीं से शुरू हुआ। हमसे कभी नहीं बताया गया कि अच्छे दिन कब आएंगे, जबकि सच्चाई यह है कि अच्छे दिन तब आएंगे जब राजकाज हमारा होगा, जब प्रधानमंत्री हमारा होगा, जब लोकतंत्र में हिस्सेदारी हमारी होगी। आज आवाज उठाने वालों के घर बुलडोजर चलते हैं
संविधान बोलने की आजादी देता है। संविधान धर्म की आजादी देता है। आर्टिकल 25 से 30 तक हमें धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार मिलता है। लेकिन आज स्थिति ऐसी है कि कोई आवाज उठाए तो उसके घर पर बुलडोजर चला दिया जाता है। यह संविधान का राज नहीं है, यह किसी और का राज है। जो हमारा साथ दे, अपराधी बना दिया जाता है
भाजपा पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि जो उनका समर्थन करें, वह ईमानदार कहलाता है, और जो उनके खिलाफ बोले, उसके खिलाफ षड्यंत्र रचे जाते हैं। लखनऊ और दिल्ली में बैठे लोगों को मैं बताना चाहता हूं कि हमारी ताकत को कम मत समझो। जो हमारा विरोध करे वह अपराधी बना दिया जाता है, और जो साथ दे वह भक्त कहलाता है। आज दिल्ली वालों को नींद नहीं आएगी
आज आपके माध्यम से एक-एक बात दिल्ली तक जाएगी और दिल्ली में बैठे हुए लोगों को रातभर नींद नहीं आएगी। रैली में तीन मंडल के कार्यकर्ता जुटे, ली संविधान की शपथ
मुजफ्फरनगर के GIC मैदान में आसपा की ‘संवैधानिक अधिकार बचाओ–भाईचारा बनाओ’ रैली हुई। पार्टी ने दावा किया था कि इस अभियान में 50 लाख लोगों को संविधान की शपथ दिलाई जाएगी। सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद मंडल से कार्यकर्ता पहुंचे थे। रैली से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…