छात्रों का दबाव बढ़ा तो AU के प्रॉक्टर का इस्तीफा:निलंबन वापसी से नाराज़ थे चीफ प्रॉक्टर राकेश सिंह; कुलपति को भेजा पर्सनल लेटर, अब केएन उत्तम कार्यवाहक चीफ प्रॉक्टर

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों के आंदोलन के बाद प्रशासन बैकफुट पर आया तो इसका असर भी दिखा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। प्रो. राकेश सिंह निलंबन वापसी के फैसले से नाराज़ थे। वह नहीं चाहते थे कि जिन छात्रों पर कार्रवाई हुई है, उसे वापस लिया जाए। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबन निरस्त कर दिया। इसके बाद प्रो. सिंह ने कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव को व्यक्तिगत तौर पर इस्तीफा भेज दिया। हालांकि आधिकारिक रूप से वे बुधवार को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। वहीं, प्रो केएन उत्तम को कार्यवाहक चीफ प्रॉक्टर बनाया गया है। बता दें कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के आंदोलन के करीब 35 घंटे बाद उनकी जीत हुई। निलंबित छात्रों का निलंबन वापस करने की घोषणा की गई। इसके बाद छात्रों ने कैंपस में विजय जुलूस निकाला। दरअसल, मंगलवार को ही 5-6 छात्र भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। रात करीब 9 बजे एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा, विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आशीष कुमार खरे, DSW प्रो. एनके शुक्ला व एसीपी मौके पर छात्रों के बीच पहुंचे थे। निलंबित छात्र संजय, निधि, सौम्या व चंद्रप्रकाश के निलंबन वापस लिए जाने का आश्वासन दिया गया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पीआरओ प्रो जया कपूर ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के निलंबन वापस लेने की मांग को मान लिया और अन्य सभी मांगों पर छात्र हित में विचार करने और उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है। दिशा छात्र संगठन, आइसा, सपा छात्र सभा व अन्य संगठनों की अगुवाई में चल रहे इस आंदोलन में तेजी तब आ गई था जब देर रात आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह पहुंच थे। उन्होंने छात्रों की आवाज को सदन में उठाने का भरोसा भी दिलाया था। जानिए, क्या है पूरा मामला
फैज अहमद फैज की स्मृति दिवस पर दिशा छात्र संगठन के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय कैंपस में एक कविता पाठ आयोजित कराना चाहते थे। इसके लिए वह विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर आफिस में गए थे अनुमति के लिए। वहीं पर कुछ विवाद हुआ था। छात्रों ने आरोप लगाया कि वहां पर चीफ प्राॅक्टर प्रो. राकेश सिंह और सहायक चीफ प्रॉक्टर अतुल नारायण सिंह ने उनके साथ बदमीजी की और गाली गलौच किया। बोले, छात्र सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजय सम्राट ने कहा चीफ प्रॉक्टर का इस्तीफा देना विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले समस्त छात्र-छात्राओं की जीत है। प्रो राकेश सिंह का यह पहला मामला नहीं है, इसके पहले छात्र अभिषेक गुप्ता को प्रॉक्टोरियल बोर्ड में बुला करके मारा पीटा गया। इस गंभीर प्रकरण को लेकर संसदीय सद्भावना समिति की सिफारिश से राकेश सिंह समेत सभी प्रॉक्टोरियल बोर्ड के मेंबर के खिलाफ एसआईटी टीम भी गठित की गई है। उसके बाद वैभव सोनकर के साथ भी ऐसा किया गया। ऐसे प्रोफेसर को न ही शिक्षक की उपाधि दी जा सकती है न हीं प्रशासनिक पद पर रहने का अधिकार है। इसके बाद तीन छात्र निधि, सौम्या और संजय का निलंबन किया गया। बस इसी बात को लेकर आंदोलन चल रहा है। आंदोलित छात्रों का कहना है कि निलंबित छात्रों का निलंबन वापस लिया जाए और चीफ प्राॅक्टर को हटाया जाए। 24 नवंबर से छात्र विश्वविद्यालय गेट पर बड़ा आंदोलन शुरू कर दिए।