कुशीनगर में चोरी हुए नवजात शिशु को सोशल मीडिया के दबाव और जनचर्चा के बाद सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। आरोपी महिला नवजात को अपने घर पर छोड़कर फरार हो गई थी। दैनिक भास्कर की खबर पर लगातार हो रही पोस्टों ने इस मामले को नया मोड़ दिया। महिला की दयादिन ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बच्चे को ग्राम प्रधान को सौंप दिया। ग्राम प्रधान ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मनिकौरा इलाके से नवजात को सकुशल बरामद कर लिया। नवजात के सुरक्षित मिलने से परिवार और पूरे इलाके ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब आरोपी महिला की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि महिला के पकड़े जाने के बाद ही नवजात चोरी करने के पीछे का मकसद स्पष्ट हो पाएगा। उधर, अस्पताल प्रशासन ने भी बच्चे की सुरक्षित वापसी पर संतोष व्यक्त किया। एसएनसीयू वार्ड के कर्मचारियों और डॉक्टरों ने बताया कि पिछले 30 घंटे उनके लिए काफी तनावपूर्ण रहे। बच्चे की बरामदगी के बाद अस्पताल में भी खुशी का माहौल देखा गया। पीड़ित परिवार ने मीडिया, पुलिस और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। नवजात के पिता प्रदीप चौधरी ने विशेष रूप से दैनिक भास्कर के सक्रियता को धन्यवाद देते हुए कहा, “हमारा बच्चा मिल गया, यही सबसे बड़ी खुशी है। सभी का धन्यवाद।” जिलाधिकारी ने एडीएम आशुतोष कुमार ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने एडीएम आशुतोष कुमार के नेतृत्व में मजिस्ट्रेटीयल जांच के आदेश दिए हैं। जांच टीम अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, स्टाफ की भूमिका और घटना से जुड़े हर पहलू की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। गुरुवार रात करीब 9 बजे कुशीनगर से आई यह राहत भरी खबर कि नवजात सुरक्षित है, पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई।