उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गोमती नगर में आयोजित खादी एवं ग्रामोद्योग महोत्सव-2025 का दसवां और अंतिम दिन रविवार को संपन्न हो गया। महोत्सव का समापन खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव अनिल सागर ने किया। इस अवसर पर बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिशिर और संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी सिद्धार्थ यादव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने प्रमुख सचिव का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को सम्मानित किया समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खादी, ग्रामोद्योग एवं माटी कला की इकाइयों को सम्मानित किया गया।खादी क्षेत्र में कानपुर के स्वराज्य आश्रम (मंत्री प्रेम कुमार) को प्रथम, फतेहपुर के ग्राम सेवा संस्थान (मंत्री सत्येंद्र कुमार) को द्वितीय और हरदोई के भूरज सेवा संस्थान (अशोक उपाध्याय) को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। ग्रामोद्योग श्रेणी में मुजफ्फरनगर के ग्राम मीरपुर के अब्बास अंसारी को प्रथम, बिजनौर के ग्राम जमनापुर किरत, नूरपुर के तहजीबुल हसन को द्वितीय और लखनऊ के इंदिरा नगर की अंजली सिंह (जूट आर्टिजन्स) को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। माटी कला में बाराबंकी के हसनपुर, टांडा के प्रेम चंद्र को प्रथम, बुलंदशहर के खुर्जा के मतलूब को द्वितीय और बाराबंकी के हसनपुर टांडा के शिव कुमार प्रजापति को तृतीय स्थान मिला। महोत्सव में कुल 160 इकाइयों ने भाग लिया मुख्य अतिथि अनिल सागर ने अपने संबोधन में बताया कि महोत्सव में कुल 160 इकाइयों ने भाग लिया, जिनमें 32 खादी संस्थाएँ, 120 ग्रामोद्योगी और 8 माटी कला स्टॉल शामिल थे।उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का लक्ष्य केवल पारंपरिक खादी को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि इसे आधुनिकता के साथ जोड़कर राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों में स्थापित करना भी है। महोत्सव के अंतिम दिन रविवार होने के कारण प्रदर्शनी स्थल पर भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ लोगों ने अपने पसंदीदा उत्पादों की जमकर खरीदारी की। मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिशिर ने आयोजन में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और सुरक्षा दल को धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनकी सजग व्यवस्था और समर्पित प्रयासों से खादी महोत्सव-2025 सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।