क्रिकेटर-अभिनेताओं के विज्ञापन को लेकर मांगा जवाब:हाईकोर्ट ने उपभोक्ता आयोग से पूछा- गुटखा प्रचार जांच पूरी क्यों नहीं हो पाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने गुटखा कंपनियों के प्रचार से जुड़े एक मामले में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि जब याचिकाकर्ता ने 2023 में ही शिकायत दर्ज कराई थी, तो अब तक जांच पूरी क्यों नहीं हुई। न्यायालय ने आयोग को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। न्यायालय ने याचिका में की गई मुख्य प्रार्थनाओं को विचार योग्य नहीं माना, लेकिन सुनवाई के दौरान यह संज्ञान में लिया कि याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन पर 12 सितंबर 2023 को जांच शुरू की गई थी, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है। याचिका में संबंधित गुटखा कंपनियों के साथ-साथ कई प्रमुख हस्तियों को भी पक्षकार बनाया गया है। इनमें क्रिकेटर कपिल देव, सुनील गावस्कर, वीरेंद्र सहवाग, क्रिस गेल और अभिनेता अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, अक्षय कुमार, अजय देवगन, सलमान खान, ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ, सैफ अली खान व रणवीर सिंह शामिल हैं। याचिका में कहा गया है कि ये हस्तियां, जिनमें से अधिकांश पद्म पुरस्कार प्राप्तकर्ता हैं, पान मसाला कंपनियों का प्रचार कर समाज में गलत संदेश दे रही हैं। इसके अतिरिक्त, ऐसे विज्ञापन उपभोक्ता कानूनों का भी उल्लंघन करते हैं।