मुजफ्फरनगर में राज्य मंत्री गंदे पानी में उतरे:दो वर्ष से जलभराव के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था युवक, अधिकारियों को फटकार

मुजफ्फरनगर में बदहाल सड़कों और जलभराव की समस्या को लेकर जिला प्रशासन की लापरवाही के विरोध में गुरुवार सुबह एक 24 वर्षीय युवक ने अनोखा प्रदर्शन किया। विजय हिंदुस्तानी नामक इस युवक ने अपने हाथ-पैरों में लोहे की बेड़ियां डालकर और हाथ में तिरंगा थामे, सड़क पर भरे गंदे पानी में बैठकर विरोध शुरू किया। यह प्रदर्शन नई मंडी थाना क्षेत्र के परिक्रमा मार्ग पर हो रहा है, जहां पिछले दो वर्षों से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। यह मार्ग श्री राम कॉलेज और वसुंधरा रेजिडेंसी को जोड़ता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जलभराव के कारण आम जनता के साथ-साथ स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं भी प्रतिदिन परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस संबंध में कई शिकायतें की गईं, लेकिन सड़क निर्माण और जल निकासी की दिशा में कोई सुधार नहीं हुआ। प्रशासन की इसी उपेक्षा से व्यथित होकर विजय हिंदुस्तानी ने गुरुवार सुबह ठंडे गंदे पानी में उतरकर यह विरोध प्रदर्शन शुरू किया। उनकी पीठ पर दो दर्जन से अधिक शहीदों के नाम गुदवाए गए हैं, जो उनकी देशभक्ति को दर्शाते हैं। युवक को इस स्थिति में देखकर राहगीर रुकते गए और मौके पर भीड़ जमा हो गई। लोग ‘जिला प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारी का समर्थन कर रहे हैं। कई घंटे बीत जाने के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस बीच ठंडे पानी में लगातार बैठने से विजय हिंदुस्तानी की तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल अपने काफिले के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना किसी झिझक के खुद भी गंदे पानी में उतरकर विजय हिंदुस्तानी से बात की, उनकी पीड़ा समझी और कार्रवाई का आश्वासन दिया। मंत्री ने जनता को भी भरोसा दिलाया कि सड़क का निर्माण जल्द कराया जाएगा और जल निकासी की समस्या को प्राथमिकता पर हल किया जाएगा। राज्य मंत्री के आश्वासन के बाद विजय हिंदुस्तानी ने अपना धरना समाप्त किया। मौके का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री को भी गंदे पानी में उतरते देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते समस्याओं पर ध्यान दे, तो जनता को ऐसे कठोर कदम उठाने की जरूरत ही न पड़े। उम्मीद की जा रही है कि इस घटना के बाद प्रशासन अब सक्रिय होकर परिक्रमा मार्ग की खस्ता हालत जल्द सुधारेगा।