विदेशों में रह रहे लोगों को भरना होगा फार्म 6A:देनी होगी पासपोर्ट और वीजे की कॉपी, आन लाइन जमा कर सकते हैं फार्म

विदेश में रह रहे नागरिक एसआईआर के दौरान फार्म जमा करने को लेकर दर्ज एफआईआर का मामला सामने आने के बाद चुनाव आयोग की भी नींद खुली है। सोमवार को चुनाव आयोग ने विदेशों में रहने वालों को लेकर दिशा निर्देश जारी किया है। आयोग की ओर से प्रेस नोट जारी कर बताया गया है कि प्रवासी नागरिकों को वोटर बनने के लिए अलग फार्म जमा करना होगा। उसमें उसे पासपोर्ट और वीजा की फोटो कॉपी भी लगानी होगी। विदेशों में रहने वाले भारतीयों को सामान्य निर्वाचकों से अलग प्रवासी भारतीय निर्वाचक की श्रेणी में रखा गया है। विदेश में रहने वाले वोटर के लिए पहचान पत्र जारी नहीं किया जाएगा। पहले से था नियम, आयोग को अब आया याद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि वर्ष-2011 में भारतीय संसद द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 में संशोधन करते हुए नियम 20क बनाया गया था। इसके तहत भारत से बाहर विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों को मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए उनके पंजीकरण की व्यवस्था बनायी गयी है, जो सामान्य निर्वाचकों से इतर प्रवासी भारतीय निर्वाचक की श्रेणी के रूप में तय की गई है। अधिनियम के मुताबिक प्रवासी भारतीय निर्वाचक एक ऐसा व्यक्ति है, जो भारत की नागरिकता रखता हो और भारत को छोड़कर किसी अन्य राष्ट्र में रोजगार, शिक्षा या अन्य किसी कारण से रह रहा हो तथा जिसने किसी अन्य राष्ट्र की नागरिकता हासिल न की हो। मतदाता सूची में पंजीकृत किए जाने के लिए पात्र हो तथा पात्रता की शर्तें पूरी करता हो। जिस क्षेत्र का पता पासपोर्ट में दर्ज हो वह उस विधानसभा का वोट बन सकता है। नए वोटर के तौर पर शामिल होने के लिए आफलाइन फार्म 6ए भरकर डाक से निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को भेजना होगा। इसके लिए आनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। जिसे voters.eci.gov.in पर जाकर रजिस्टर कर सकते हैं। फार्म-6ए के साथ एक पासपोर्ट साइज का रंगीन फोटो, पासपोर्ट के कॉपी, वीजा की कॉपी अटैच की जाएगी। सभी समुचित दस्तावेजों को आवेदक द्वारा स्व-प्रमाणित किया जाएगा। विदेश जाने से पहले अगर वोटर हैं तो भी भरना होगा फार्म 6ए आयोग की ओर से बताया गया है कि प्रवासी निर्वाचक विदेश जाने से पहले भारत में साधारण निर्वाचक के रूप में मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी किया गया है तो उसे भी फार्म-6ए भरना होगा और पुराना वोटर आईडी कार्ड वापस करना होगा। वोटर लिस्ट में ऐसे मतदाताओं की सूची अलग से प्रवासी वोटर के तौर पर प्रकाशित की जाएगी। इसी तरह प्रवासी निर्वाचक भारत में अपना निवास स्थान बदलता है तो प्रवासी निर्वाचक की जिम्मेदारी है कि पते परिवर्तन की सूचना सम्बन्धित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को देनी होगी। ऐसे ही अगर प्रवासी निर्वाचक भारत वापस आ जाता है और साधारण रूप से निवासी बन जाता है, तो उसे सम्बन्धित ईआरओ को सूचित करना होगा। जिससे उसका नाम प्रवासी निर्वाचक के रूप में पंजीकरण से हटाकर सामान्य मतदाता सूची में शामिल किया जा सके। सामान्य मतदाताओं की तरह प्रवासी निर्वाचक भी मतदाता सूची से नाम हटवाने या संशोधन के लिए फार्म-7 व 8 का इस्तेमाल कर सकता है। नहीं जारी होगा पहचान पत्र, पासपोर्ट दिखा कर डाल सकेंगे वोट आयोग की ओर से बताया गया है कि प्रवासी निर्वाचक को मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी नही किया जाता है। मतदाता सूची में नाम शामिल हो जाने के बाद संबंधित प्रवासी मतदाता मतदान करने के लिए योग्य होगा। मतदान केन्द्र में मतदान करते समय प्रवासी निर्वाचक की पहचान केवल उसके मूल पासपोर्ट के आधार पर की जाएगी। यूपी में 1533 प्रवासी मतदाता
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रवासी मतदाता, जो भारत के नागरिक हैं और वे रोजगार, शिक्षा, व्यापार व अन्य कार्य के लिए विदेश गए हैं और लंबे समय से वहाँ रह रहे हैं तथा किसी अन्य देश के नागरिक नहीं बने हैं, वे गणना प्रपत्र के स्थान पर फॉर्म-6A भरकर मतदाता बन सकते हैं। ऐसे नागरिक फॉर्म-6A आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन भी भर सकते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रवासी नागरिक का गणना प्रपत्र भरकर जमा न करें। गलती से भी यदि किसी ने ऐसे प्रवासी व्यक्ति का गणना प्रपत्र भरकर जमा कर दिया हो तो तत्काल अपने बीएलओ को इसकी जानकारी दें, नहीं तो बाद में शिकायत होने पर जांच में दोषी पाए जाने पर ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 1533 प्रवासी मतदाता हैं। इसके अलावा 115 व्यक्तियों के फॉर्म-6A और प्राप्त हुए हैं। ऐसे नागरिकों को मतदाता बनने के लिए अपने पासपोर्ट वाले पते का विवरण देना होगा।