बरेली में कान्हा की बांसुरी के साथ प्रेम में डूबी राधा, काशी के अलौकिक घाट, बहुमुखी गणेश, दुनियावी जिंदगी जीने की मजबूरी-मुखौटे और उन्हें कंधों पर लादकर जिंदगी के सफर में घिसट रहा इंसान… ऐसे ही तमाम मजमून थे थर्ड तारा आर्ट फेस्ट के। ढेर सारी तस्वीरें, जो गैलरी की दीवारों पर माउंट की गईं, अपनी–अपनी कहानी कह रही थीं। कहानी अपने होने की और उन चित्रकारों के दिलो–दिमाग की जिन्होंने उन्हें रचा। कैंट स्थित युगवीणा की यामिनी आर्ट गैलरी में दो दिन तक चली इस राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी ने बरेली के कला जगत के सन्नाटे को तोड़ा और कलाप्रेमियों को खूब प्रभावित किया। दो दिन की यादें छोड़कर कला प्रदर्शनी का समापन हुआ। उद्घाटन में डॉ. उज्मा कमर, कलाकारों से की बातचीत
इस कला प्रदर्शनी के मुख्य आयोजक एम.एस. फराज़, तारिक और गोविंद अलीग आदि रहे। प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन जानी-मानी शिक्षाविद् डॉ. उज्मा कमर ने किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदर्शनी को देखा, पेंटिंग बनाने वाले कलाकारों से बात की और उनकी कला की बारीकियों को समझा और उसकी सराहना की। डॉ. उज्मा कमर ने कहा कि कला और संवेदना का सीधा रिश्ता है। कोरे कैनवास को जब रंगों से भरा ब्रश अपना आकार देता है, तब एक यादगार तस्वीर बनती है। हर तस्वीर, हर पेंटिंग हमें संवेदनशील होना सिखाती है। उन्होंने शिक्षा में कला के महत्व को भी समझाया। दो दिन तक उमड़े कलाप्रेमी, पेंटिंग ‘मैन्युफैक्चरिंग’ बनी आकर्षण
इस राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में कला कार्यशाला भी हुई। देशभर से आए कलाकारों ने अपनी पेंटिंग्स प्रदर्शित कीं और लाइव पेंटिंग डेमो भी हुए। प्रदर्शनी में आलोक पवार, अजय राठौर, कुलदीप वर्मा, गुरुचरन सिंह, हरिमोहन सिंह, अज़ीम मंसूरी, तारिक अनवर, उमेश गंगवार, रमेश विश्वकर्मा, एम.एस. फराज़ आदि की पेंटिंग्स को दर्शकों ने खूब सराहा। दो दिनों की इस प्रदर्शनी और कार्यशाला को देखने के लिए बड़ी संख्या में कलाप्रेमी यहां जुटे। गेस्ट आर्टिस्ट कसीम फारूखी, राजेंद्र भारतीय, प्रिंस चांद और ममता रंजन आदि ने पेंटिंग डेमोंस्ट्रेशन से सभी को अभिभूत कर दिया। तारिक अनवर की पेंटिंग ‘मैन्युफैक्चरिंग’ और सुनील कुमार की पेंटिंग ‘पंचमुखी गणेश’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। बरेली के वरिष्ठ कलाकार प्रिंस चांद ने कलाकारों को कला के बाजारीकरण से बचने और आत्मीय कला के सृजन पर बल दिया। तारिक अनवर ने आर्ट फेस्ट को राज्य और देश के सभी शहरों तक ले जाने की घोषणा की। बाल कलाकारों की बेहतरीन पेंटिंग्स को भी सभी ने सराहा। आयोजक एम.एस. फराज़, तारिक और गोविंद अलीग आदि ने सभी का आभार व्यक्त किया। फरजाना परवीन, डॉ. फहीम इदरीसी, मोहम्मद शाकिर आदि का विशेष सहयोग रहा।