यूपी में 2 करोड़ 85 लाख वोटर हुए कम:निर्वाचन आयोग ने जारी किया एसआईआर का अब तक का आंकड़ा, 1.86 प्रतिशत डिजिटाइजेशन बाकी

उत्तर प्रदेश में चल रहा एसआईआर में अब तक यूपी में 2 करोड़ 85 लाख से ज्यादा वोटरों की छटनी हो गई। इसमें ऐसे वोटर हैं जो या तो दूसरे स्थानों पर शिफ्ट हो गए, मर गए, अनुपस्थित रहे या ऐसे लोग जिनका एक से अधिक जगहों पर नाम था, एसआईआर के बाद ऐसे लोगों की छटनी कर दी गई। यूपी में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 वोटर के गणना प्रपत्र के मुकाबले 98.14 प्रतिशत गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो चुका है। इसमें करीब 80 प्रतिशत फार्म वोटर या उसके परिवार के सदस्य के हस्ताक्षर के बाद वापस आ चुके हैं। डिजिटाइज किए गए गणना प्रपत्रों में 18.48 प्रतिशत गणना प्रपत्रों को अनकलेक्टेबुल जिसमें मृतक, स्थायी रूप से स्थानान्तरित, अनुपस्थित तथा दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की श्रेणी में चिन्हित किया गया है। जिनका नहीं जमा हुआ फार्म उनका दोबारा होगा सत्यापन मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मृतक, स्थायी रूप से स्थानान्तरित, अनुपस्थित तथा दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के पुनः सत्यापन किए जाने के निर्देश दिए हैं। जिन मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारी ने शत प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है वहां पर बीएलओ ने अपने बूथ के ऐसे फार्म जो वापस नहीं आए उनकी सूची मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेण्ट को उपलब्ध कराई जाए।उन्होंने 12 दिसम्बर तक सभी बीएलओ के साथ बीएलए की बैठक कराने के निर्देश दिए हैं। 2003 की वोटर लिस्ट से 72.90 प्रतिशत मतदाताओं की हुई मैपिंग नवदीप रिणवा ने बताया कि मतदाताओं या उनके परिवार के सदस्य के हस्ताक्षर से प्राप्त गणना प्रपत्रों में से वर्ष-2003 की मतदाता सूची से मैप्ड मतदाताओं का प्रतिशत 72.90 प्रतिशत है और 27.10 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग अभी बाकी है। इस बारे में जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह निर्देशित किया गया है कि वे मैपिंग का काम जल्द पूरा करा लें ताकि कम से कम संख्या में नोटिस जारी हो। फार्म 6 कम संख्या में जमा होने पर जताई चिंता गणना अवधि में फार्म-6 कम संख्या में प्राप्त हो रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने जिले की विधानसभाओं में फार्म-6 प्राप्त होने की समीक्षा कर लें। अगर किसी निर्वाचक का नाम वर्ष-2025 की निर्वाचक नामावली में न होने के कारण गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं तो ऐसे निर्वाचकों से फार्म-6 भरवा लिए जाएं। जो युवा 1 जनवरी, 2026 को 18 वर्ष के हो रहे हैं, उनको मतदाता बनाने के लिए फार्म-6 भरवाये जाने के निर्देश दिये गये। जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि प्रत्येक मतदेय स्थल पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेण्टों (बीएलए) की बैठक कर ली जाए तथा जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर बीएलओ और बीएलए की बैठक का कार्यवृत्त एवं मृतक, स्थायी रूप से स्थानान्तरित, क्षेत्र में न पाये जाने वाले अथवा कहीं और रजिस्टर्ड मतदाताओं की सूचियां अपलोड कर दी जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 09 जनपदों एवं 88 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों तथा 1,31,308 मतदेय स्थलों में गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है।