सीतापुर में 3,000 अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस होगा तैयार:एसपी ने की 4 घंटे की क्राइम मीटिंग, IGRS लापरवाही पर थानाध्यक्षों को फटकार

सीतापुर में पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बुधवार देर शाम पुलिस लाइन सभागार में चार घंटे तक चली क्राइम मीटिंग के दौरान जनपद के सभी थानाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए। बैठक में आईजीआरएस के लंबित एवं निस्तारण में लापरवाही बरतने पर विशेष रूप से मिश्रिख सर्किल के थानाध्यक्षों की कड़ी समीक्षा करते हुए उनकी क्लास लगाई गई। एसपी ने स्पष्ट कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी अंकुर अग्रवाल ने अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों का पुनः चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए बीते छह वर्षों से सक्रिय रहे अपराधियों की अलग-अलग सूची तैयार की जाए, ताकि समय रहते प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई की जा सके। बैठक में बताया गया कि जनपद में करीब तीन हजार अपराधियों का डिजिटल खाका तैयार किया जाएगा। इस डिजिटल डाटाबेस में अपराधियों से जुड़ी पूरी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। डिजिटल प्रोफाइल में अपराधी का आपराधिक इतिहास, वर्तमान गतिविधियां, साथ ही उसके परिवार, रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों से जुड़ी जानकारी भी शामिल की जाएगी, जिससे नेटवर्क स्तर पर अपराध की रोकथाम की जा सके। एसपी ने साइबर क्राइम के मामलों को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में समय पर पीड़ित की धनराशि फ्रीज कराई जाए और आमजन को लगातार जागरूक किया जाए, ताकि साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। क्राइम मीटिंग के दौरान एसपी की फटकार से थानाध्यक्षों में हलचल बनी रही। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि कानून-व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय है। एसपी अंकुर अग्रवाल ने अंत में सभी अधिकारियों को निष्पक्ष, जवाबदेह और सक्रिय पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।