तापमान में गिरावट के साथ अस्पतालों में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। सरकारी अस्पतालों में सबसे ज्यादा बुखार और वायरल के मरीज आ रहे हैं। राजनारायण लोकबंधु अस्पताल में गुरुवार को दोपहर 12 बजे तक 1500 से ज्यादा मरीज पहुंचे। इनमें सीजनल फ्लू और वायरल मरीज रहे। इसके अलावा एक दर्जन से ज्यादा शरीर में फ्रैक्चर के मरीज अस्पताल पहुंचे। इस दौरान एक मरीज का एक घंटे तक ईसीजी नहीं हो सका। घर में अचानक गिरने से हुआ फ्रैक्चर कृष्णा नगर के रहने वाले विकास साहू ने बताया- बुजुर्ग पिता अशोक कुमार साहू घर में कुर्सी पर बैठकर धूप ले रहे थे। इस दौरान अचानक किसी काम के लिए उठे, इस बीच डिस-बैलेंस होकर गिर गए। जिससे उनके हड्डी टूट गई। लोकबंधु अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया है। यहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया पर शुगर-बीपी जैसी की कई समस्याएं हैं। इसलिए थोड़ा परेशानी हो रही है। निदेशक के कहना पर बुजुर्ग का ECG चिकित्सा अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक समेत निदेशक ने अस्पताल परिसर का राउंड लिया। इस दौरान भर्ती मरीजों से उनका हाल चाल लिया। इसके बाद इमरजेंसी का भी प्रशासनिक अवसरों में निरीक्षण किया। यहां इमरजेंसी वार्ड में भर्ती फ्रैक्चर के बुजुर्ग मरीज का सही से इलाज करने के निर्देश दिए। इसके बाद ECG रूम के बाहर एक घंटे से इंतजार कर रहे थे। बुजुर्ग मरीज की जांच पहले करने को कहा, जिसके बाद मरीज का जांच हो सकी। 15 फ्रैक्चर के मरीज पहुंचे चिकित्सा अधीक्षक डॉ.अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि ठंड में मरीजों की संख्या में अभी बहुत इजाफा नहीं है पर बुखार और खांसी के मरीज बढ़े है। पहले से जिन्हें गंभीर बीमारी है, उनको दवाओं में गैप नहीं करना। बुजुर्गों को विशेष सतर्कता की जरूरत है। हल्की से लापरवाही भारी पड़ सकती है। गुरुवार को अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक 1500 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए OPD में पहुंचे हैं। इनमें करीब 15 मरीज फ्रैक्चर के है, जबकि 7 मरीज बुजुर्ग हैं।