रामपुर में सड़क पर लावारिस मिली एक मानसिक रूप से बीमार गर्भवती महिला ने सड़क पर ही बच्ची को जन्म दिया था। प्रशासनिक निगरानी और वन स्टॉप सेंटर की मदद से लगभग दो साल बाद महिला को उसका परिवार और नवजात बच्ची वापस मिल गई है। यह घटना 16 अक्टूबर 2023 को दोपहर में हुई थी, जब एक अज्ञात, मानसिक रूप से बीमार और नौ महीने की गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से ग्रस्त सड़क पर मिली थी। सूचना मिलने पर 112 पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची और महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रसव के बाद महिला की मानसिक स्थिति और बिगड़ गई थी। सीएमएस ने इसकी सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी को दी, जिन्होंने वन स्टॉप सेंटर टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम ने महिला को उचित इलाज के लिए बरेली के मानसिक प्रकोष्ठ में भर्ती कराया। नवजात बच्ची को बाल कल्याण समिति (CWC) के आदेशानुसार राजकीय बाल गृह (शिशु) सदन, रामपुर में सुरक्षित रखा गया। वन स्टॉप सेंटर टीम लगातार बरेली मानसिक प्रकोष्ठ से महिला की स्थिति का फॉलो-अप ले रही थी। 11 अक्टूबर 2025 को जानकारी मिली कि महिला की मानसिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है और वह अपने घर का पता बताने में सक्षम हो गई है। इसके बाद 13 अक्टूबर 2025 को महिला का भाई बरेली स्थित संस्था में उससे मिलने पहुँचा। महिला ने उसे देखते ही पहचान लिया और घर जाने तथा अपने बच्चों से मिलने की इच्छा जताई। आज, CWC के आदेश पर नवजात बच्ची वंशिका को उसकी माँ और मामा को सौंप दिया गया। वन स्टॉप सेंटर टीम के निरंतर प्रयासों से एक पीड़ित महिला को उसके परिवार से मिलाया जा सका और बच्ची को परिजनों के संरक्षण में सुरक्षित पहुँचाया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने बच्ची को बेबी किट, कंबल, खिलौने और कपड़े भेंट कर उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।