अंग्रेजों के गुलाम थे RSS के लोग, गद्दारी की थी:सपा सांसद रामजीलाल सुमन बोले- राष्ट्रीय आंदोलन से संघ- BJP का संबंध नहीं

सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने RSS और BJP पर एक बार फिर निशाना साधा है। सुमन ने कहा- ये अंग्रेजों के गुलाम थे। ये लोग गद्दार थे। देश की आजादी के आंदोलन से इनका कोई लेना देना नहीं था। जब हिंदुस्तान के क्रांतिकारियों को गोलियों से भूना जाता था या उनकी बर्बर पिटाई की जाती थी तो आरएसएस पीटने वालों का साथ देता था। आरएसएस या बीजेपी का राष्ट्रीय आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं। पूछा- RSS और BJP का वंदे मातरम् से क्या ताल्लुक ? वंदे मातरम् को तो संविधान सभा ने राष्ट्र गीत घोषित किया था। कांग्रेस के अधिवेशनों में इसे गाया जाता था। संसद के शीतकालीन सत्र में वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर चर्चा हुई। संसद सत्र में भाग लेकर दिल्ली से आगरा लौटे सपा सांसद ने दैनिक भास्कर से बातचीत की है। पढ़िए बातचीत की खास बातें… सपा सांसद रामजीलाल सुमन की प्रमुख बातें 1-वंदे मातरम् हमारी राष्ट्र गीत सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा- संसद में किस मकसद से वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर चर्चा कराई गई, ये मेरी समझ से परे है। दैनिक भास्कर से बातचीत में सपा सांसद ने कहा- वंदे मातरम् हमारी राष्ट्र गीत है। इसे संविधान सभा ने स्वीकार किया था। कांग्रेस के अधिवेशनों में इसे गाया जाता था। 2- वंदे मातरम् का RSS और BJP से क्या तालुक है? सांसद सुमन ने सवाल किए कि वंदे मातरम् का RSS और भाजपा से क्या ताल्लुक है? ये उसे बताना चाहिए। क्रांतिकारी जब भारत माता की जय- वंदे मातरम बोलते थे; उनको गोलियां मारी जाती थीं, बर्बर पिटाई की जाती थी, तब ये पीटने वालों के साथ थे। 3- अंग्रेजों के गुलाम और गद्दार हैं सपा सांसद ने कहा- जब हिंदुस्तान के क्रांतिकारी आंदोलन में अपनी आहूति देते थे, जेलों में अंग्रेजों के उत्पीड़न पर चीखते-चिल्लाते थे तो ये कहां थे? तब कहां थी इनकी देशभक्ति…कहां था इनका राष्ट्रवाद? ये अंग्रेजों के गुलाम थे। ये लोग गद्दार थे। इनका राष्ट्रीय आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। जानबूझ कर ये लोगों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। वंदे मातरम् से RSS और BJP का कोई रिश्ता नहीं है। 4- देश में यह फैसला होना चाहिए गांधी का रास्ता ठीक था या नेहरू का? सुमन ने कहा- राष्ट्रीय आंदोलन से जिनका संबंध है, उनका संबंध वंदेमातरम से है। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि हिंदुस्तान के राष्ट्रीय आंदोलन में जो लोग थे, वो देश के लिए समर्पित थे। अब इस देश में फैसला हो जाना चाहिए कि गांधी का रास्ता ठीक था या नेहरू का रास्ता? लोहिया का रास्ता ठीक था या जयप्रकाश का? गोलवलकर का रास्ता ठीक था या सावरकर का? सपा सांसद पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान… सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने 21 मार्च को राज्यसभा में कहा था- भाजपा वालों का तकिया कलाम हो गया कि मुसलमानों में बाबर का DNA है। फिर हिंदुओं में किसका DNA है? बाबर को कौन लाया? बाबर को भारत में इब्राहीम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा लाया था। मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो तुम (हिंदू) गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। यह हिंदुस्तान में तय हो जाना चाहिए। बाबर की आलोचना करते हैं, राणा सांगा की नहीं। देश की आजादी की लड़ाई में इन्होंने अंग्रेजों की गुलामी की थी। हिंदुस्तान का मुसलमान बाबर को अपना आदर्श नहीं मानता है। वो मोहम्मद साहब और सूफी परंपरा को आदर्श मानता है। ——————— ये खबर भी पढ़ें…. सपा सांसद बोले- काहे का माफीनामा, मैंने सच कहा है:ये ऐतिहासिक तथ्य, बाबर को भारत लाने वाली बात कोई ठुकरा नहीं सकता सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने शनिवार को राज्यसभा में कहा- भाजपा वालों का तकिया कलाम हो गया कि मुसलमानों में बाबर का DNA है, तो फिर हिंदुओं में किसका डीएनए है? बाबर को कौन लाया? बाबर को भारत में इब्राहिम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा लाया था। मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो तुम (हिंदू) गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। पढ़ें पूरी खबर…