गोरखपुर में हुई जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी:इल्म हासिल करने को बताया फर्ज, छात्राओं को मुफ्त किताबें बांटीं

गोरखपुर के मियां बाजार स्थित इमामबाड़ा मुस्लिम गर्ल्स इंटर कॉलेज में सालाना जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन शरीफ की तिलावत से हुई। इसके बाद कॉलेज की छात्राओं ने नात और मनकबत पेश कीं। जलसे में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जीवन-शिक्षाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। छात्राओं की ओर से खानपान के स्टाल लगाए गए, जबकि जरूरतमंद छात्राओं को मुफ्त किताबें भी बांटी गईं। इल्म को बताया अनिवार्य
मुख्य अतिथि गजाला शाह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस्लाम में इल्म हासिल करना हर मुसलमान पर फर्ज है। उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने बेटियों की तालीम और उनकी बेहतर परवरिश पर विशेष जोर दिया है। शिक्षा से लड़कियों में आत्मविश्वास आता है, वे आत्मनिर्भर बनती हैं और अपने अधिकारों को समझ पाती हैं। गजाला शाह ने कहा कि लड़कियों की शिक्षा से पूरे परिवार और समाज का स्तर ऊपर उठता है। लड़कियों की शिक्षा से समाज मजबूत
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं कॉलेज की प्रधानाचार्या आमना खातून ने कहा कि लड़कियों की तालीम केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए। यह उन्हें आत्म-सम्मान, आर्थिक स्थिरता और समाज में सक्रिय भागीदारी का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि शिक्षित लड़कियां न सिर्फ अपने परिवार बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दरूदो सलाम के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में दरूदो सलाम पढ़कर देश में अमन, शांति, विकास और भाईचारे की दुआ मांगी गई। जलसे का संचालन सरवत रहमा ने किया। इस मौके पर शाइस्ता मिर्जा, शहनाज हसन, शबनम परवीन, नौशीन, अंजुम अरीबा, शाइस्ता सेराज, अंजुम फातिमा, अर्चना समेत कॉलेज की अध्यापिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।