पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर वकीलों द्वारा बुधवार को प्रस्तावित ‘मेरठ बंद’ को सफल बनाने के लिए मेरठ बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने मंगलवार को दिनभर प्रचार किया। मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट बेंच आंदोलन के लिए शहर में अब तक 40 से अधिक स्थानों पर जनसंपर्क बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में विभिन्न संगठन एकजुट हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस बार की लड़ाई आर-पार की होगी और मेरठ बंद ऐतिहासिक होगा। बंद की सफलता के लिए कचहरी पुल मेरठ कॉलेज रोड व्यापार संघ के सभी व्यापारियों ने बुधवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की घोषणा की है। संगठन के महामंत्री आशीष चौरसिया एडवोकेट ने कहा कि यह बंद ऐतिहासिक होगा। संजय शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट बेंच की मांग के लिए 1200 से अधिक व्यापार संगठनों के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का भी समर्थन प्राप्त हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि बुधवार सुबह 6:30 बजे से अधिवक्ता सक्रिय हो जाएंगे। शहर में 8 मोबाइल गाड़ियां यह सुनिश्चित करेंगी कि बाजार पूरी तरह बंद रहे। इसके अतिरिक्त, शहर में 35 ऐसे प्रमुख बिंदु होंगे जहां अधिवक्ता मौजूद रहकर बंद को सफल बनाएंगे। शर्मा ने यह भी बताया कि स्कूल और कॉलेज भी इस बंद का समर्थन कर रहे हैं और वे भी बंद रहेंगे। उन्होंने इसे जन आंदोलन बताया, जिसकी गूंज दिल्ली तक पहुंचने और हाईकोर्ट बेंच मिलने का दावा किया। अधिवक्ताओं का कहना है कि हाईकोर्ट बेंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश की केवल मांग नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है। उनका तर्क है कि पश्चिमी यूपी के लोग 75% से अधिक राजस्व देते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि केंद्र और प्रदेश दोनों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद हाईकोर्ट बेंच नहीं मिल रही है। अधिवक्ताओं के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश पिछले 40 वर्षों से इसके लिए संघर्ष कर रहा है।