लखनऊ बिजली बिल राहत योजना में लापरवाही:दो बाबू निलंबित, 7 हजार से ज्यादा शिकायत आई, कंज्यूमर को करते थे गुमराह

लखनऊ में बिजली बिल राहत योजना 2025–26 में लापरवाही बरतने पर दो बाबुओं पर कार्यवाई की गाज गिरी है। दोनों उपभोक्ताओं को गुमराह करने का काम करते थे। मुख्य अभियंता, लखनऊ मध्य क्षेत्र ने 19 दिसंबर 2025 को समीक्षा बैठक की। खराब काम करने पर कार्यकारी सहायक अनूप कुमार सिंह और नीरज चन्द्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और सभी कर्मचारियों को भविष्य में जिम्मेदारी से काम करने की चेतावनी दी गई। दोनों बाबुओं पर आरोप है कि वह योजना की सही जानकारी नहीं देते थे योजना का लाभ देने के लिए हो रहा काम लखनऊ मध्य क्षेत्र के सभी 48 विद्युत उपकेंद्रों के क्षेत्र में पात्र उपभोक्ताओं को घर‑घर जाकर योजना की जानकारी देने और पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता इस राहत योजना का लाभ ले सकें। प्रदेश स्तर पर यह योजना नेवर पेड और लॉन्ग अनपेड उपभोक्ताओं के बकाया बिलों पर ब्याज माफी और मूलधन में छूट देने के लिए चलाई जा रही है। 7 हजार शिकायत आई 15 नवंबर 2025 से 19 दिसंबर 2025 तक लखनऊ मध्य क्षेत्र में बिल संबंधी 7058 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 6666 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष 392 शिकायतें निस्तारण की प्रक्रिया में हैं। शुक्रवार को हेल्पलाइन 1912 पर मीटर से जुड़ी 23, सप्लाई से जुड़ी 78 और बिल से जुड़ी 87 नई शिकायतें दर्ज हुईं। ऊर्जा विभाग और यूपीपीसीएल ने अपील की है कि बकायेदार उपभोक्ता बिजली बिल राहत योजना में पंजीकरण कर निर्धारित अवधि के भीतर बकाया जमा करें, ताकि उन्हें 100% ब्याज माफी और बिल पर छूट का लाभ मिल सके। पंजीकरण की सुविधा पोर्टल, उपभोक्ता सेवा केंद्रों और अन्य माध्यमों से उपलब्ध कराई गई है।