प्रतापगढ़ में ई-रिक्शा चालक दिनेश वर्मा की 16 दिसंबर को संदिग्ध हालात में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक के परिजनों और सरदार सेना के कार्यकर्ताओं ने हत्या का आरोप लगाते हुए डीएम आवास का घेराव किया। उन्होंने प्रशासन से हत्या के खुलासे, आरोपियों की गिरफ्तारी, मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। प्रशासन ने 25 दिसंबर तक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित डीएम आवास पर रविवार शाम सरदार सेना के कार्यकर्ता और मृतक के परिजन पहुंचे। उन्होंने गेट के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिनेश वर्मा की हत्या की गई है, लेकिन अब तक न तो घटना का खुलासा हुआ है और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। सरदार सेना के प्रमुख आरएस पटेल और प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक पटेल सहित कई पदाधिकारियों और मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें एक करोड़ रुपए मुआवजा, पांच एकड़ जमीन, प्रधानमंत्री आवास, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की गई। अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बाद प्रशासन की ओर से 25 दिसंबर तक कार्रवाई का आश्वासन मिला। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। सरदार सेना ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा तक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। लीलापुर थाना क्षेत्र के सरायताल सरैंया मकई निवासी 44 वर्षीय दिनेश वर्मा सोमवार सुबह अपने ई-रिक्शा के साथ घर से निकले थे। मंगलवार को वह लालगंज के पूरे तिलकराम के पास एक नाले में पड़े मिले थे। उनके चेहरे पर चोट के निशान थे। बुधवार को प्रयागराज में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।