कानपुर वाले दुबे की बेटी 25 हजार की इनामी:गैर-जमानती वारंट जारी, तलाश में छापेमारी; अस्पताल में आराम करता मिला अखिलेश

कानपुर जेल में बंद अखिलेश दुबे की बेटी सौम्या और भाई सर्वेश के खिलाफ 25-25 हजार का इनाम घोषित हुआ है। गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया गया है। दोनों अभी फरार चल रहे हैं। पुलिस इनकी तलाश में दबिश दे रही है। बेटी सौम्या दुबे और भाई सर्वेश दुबे पर आरोप है कि इन्होंने वक्फ बोर्ड की अरबों रुपए की प्रॉपर्टी पर कब्जा किया। इस पर आगमन लॉन और कैनरी लंदन कपड़ों की कंपनी का ऑफिस खोला। इस मामले में 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। पुलिस जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद हफ्ते पहले पुलिस ने इनाम घोषित किया था, लेकिन सोमवार को इसे सार्वजनिक किया। बताया गया कि सौम्या, सर्वेश के साथ-साथ राजकुमार और जयप्रकाश के खिलाफ भी 25-25 हजार का इनाम घोषित हुआ है। इधर, अखिलेश दुबे बीमार का बहाना बनाकर जेल के अस्पताल में आराम करता हुआ मिला। इसके बाद उसे बैरक में शिफ्ट कर दिया गया है। जिस मामले में इनाम घोषित हुआ, पढ़िए 13 अगस्त 2025 को नवाब इब्राहिम हाता परेड निवासी मोइनीद्दीन आसिफ जाह, शेख आसिफ जाह ने ग्वालटोली थाने में FIR दर्ज कराई। इसमें अखिलेश दुबे, उसकी बेटी सौम्या, भाई सर्वेश, उसके सहयोगी राजकुमार शुक्ला, जयप्रकाश दुबे, शिवांश सिंह उर्फ पप्पू और इंस्पेक्टर सभाजीत समेत 8 लोगों पर आरोप लगाए। आरोप लगाया गया कि इन लोगों ने सिविल लाइंस स्थित आगमन लॉन वाली करोड़ों की वक्फ संपत्ति को फर्जीवाड़ा करके कब्जा कर लिया है। इसके बाद ग्वालटोली थाने ने मामले की जांच शुरू की। इसमें आरोप सही मिले। पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ NBW जारी कराया गया था। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया- आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमों को लगाया गया है। जल्द ही गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। अगर सामने नहीं आए तो आरोपियों की प्रॉपर्टी कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। अखिलेश दुबे को जेल अस्पताल से बैरक में शिफ्ट किया दरअसल, शुक्रवार को न्यायिक अधिकारियों ने DM जितेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस अफसरों के साथ जेल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान जेल अस्पताल, रसोईघर और बैरकों का निरीक्षण किया। सामने आया कि जेल अस्पताल में अखिलेश दुबे और नारायण भदौरिया बिना किसी गंभीर बीमारी के एडमिट थे। जांच में पाया गया कि वे बिना किसी बीमारी के अस्पताल में आराम कर रहे थे। इसके बाद दोनों को अस्पताल से बैरक में भेजा गया। जेल अधीक्षक बीडी पांडेय ने बताया- अखिलेश दुबे को बीमारी के चलते जेल अस्पताल में रखा गया था, लेकिन अब सामान्य होने के चलते बैरक में शिफ्ट किया गया है। अखिलेश दुबे को 37 मामलों में क्लीनचिट
अखिलेश दुबे के खिलाफ SIT ने 25 दिन पहले पुलिस कमिश्नर को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। ऑपरेशन महाकाल में दर्ज 42 शिकायतों में से 37 में कोई सबूत नहीं मिले। इन मामलों में SIT ने दुबे को क्लीनचिट दी है। जबकि, छह शिकायतों में इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस और कॉल डिटेल्स मिलने पर जांच जारी है। जांच पूरी होते ही दर्ज होंगी और FIR
SIT अब इन 6 मामलों में कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल फुटप्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज और संबंधित गवाहों के बयान इकट्ठा कर रही है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इन छह मामलों में पर्याप्त प्रारंभिक सबूत मिले हैं। जांच को और मजबूत किया जा रहा है। जल्द ही इन पर FIR दर्ज की जाएगी, ताकि केस अदालत में मजबूती से खड़े हो सकें। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने कहा- SIT को निर्देश दिए गए हैं कि सभी डिजिटल और फिजिकल सबूत पुख्ता तरीके से जुटाए जाएं। उन्होंने कहा- कार्रवाई पूरी तरह सबूतों पर आधारित होगी। ताकि, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके। —————– ये खबर भी पढ़िए- कानपुर में 5 कुत्तों को ‘उम्रकैद’: बार-बार दौड़ाकर लोगों को काट रहे थे, अब कंट्रोल सेंटर में रहना होगा कानपुर में अब 5 कुत्ते कैद में रहेंगे। इसमें सिर्फ स्ट्रीट डॉग्स ही नहीं, बल्कि ऐसे पालतू कुत्ते भी शामिल हैं। जो लोगों के लिए जानलेवा साबित हुए हैं। दरअसल, शहर में कुत्तों के काटने के मामले लगातार सामने आने के बाद नगर निगम ये बड़ा कदम उठाया है। आमजनों को कुत्तों के हमले से बचाने और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में जिले भर में अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ा जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर…