गोरखपुर में श्रीराम-कथा के सुनने दूसरे दिन उमड़े भक्त:साध्वी बोलीं- सत्संग से ईश्वर का दर्शन संभव, अंतिम समय तक यही रह जाता है

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से गोरखपुर में श्री हरि कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह कथा 22 दिसंबर से 26 दिसंबर 2025 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक श्रीराम लीला मैदान, मानसरोवर, सूर्यकुंड में आयोजित हो रही है। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म और भक्ति का लाभ ले रहे हैं। कथा के दूसरे दिन दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी भक्ति आभा भारती ने श्रद्धालुओं को कथा सुनाते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जब उसे सही और गलत के बीच चुनाव करना पड़ता है। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि अर्जुन के सामने भगवान और उनकी सेना में से चयन करने की स्थिति आई, लेकिन अर्जुन ने सही निर्णय लिया और जीवन की बाजी जीत ली।
उन्होंने मीरा का उदाहरण देते हुए कहा कि मीरा ने भी प्रभु भक्ति को चुना और सांसारिक मोह का त्याग किया। ऐसे ही अनेक भक्तों के जीवन की घटनाएं हमारे धर्मग्रंथों में मिलती हैं। साध्वी भक्ति आभा भारती ने कहा कि आज का मनुष्य भक्ति तो करता है, लेकिन कई बार दुर्योधन जैसी मानसिकता लेकर प्रभु को छलने का प्रयास करता है। वह ईश्वर को छोड़कर सांसारिक वस्तुओं की ओर आकर्षित हो जाता है और अंत में खाली हाथ रह जाता है। उन्होंने कहा कि सच्चा विवेक केवल गुरु कृपा और सत्संग से ही प्राप्त होता है। बिना सत्संग के विवेक नहीं आता। इसलिए सभी को गुरु की शरण में जाकर सत्संग का लाभ लेना चाहिए। सत्संग से ही ईश्वर का सच्चा दर्शन होता है। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान लोगों को अपने भीतर ईश्वर के दर्शन कराने का मार्ग दिखाता है। इस अवसर पर साध्वी शिष्या अनंता भारती, साध्वी भक्ति आभा भारती, स्वामी प्रबुद्धानंद, स्वामी विश्वरूपानंद सहित वरिष्ठ अतिथि पुष्प दंत जैन, बृजेश मणि मिश्रा और अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी भक्तों ने कथा श्रवण कर प्रभु भक्ति का रसपान किया और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।