मेरठ में बीजेपी विधायक दिनेश खटीक ने कहा कि मुझे किसी भी हाल में श्रापित सीट से चुनाव नहीं लड़ना। दो बार तो यहां से जीत चुका हूं। लेकिन, अब तीसरी बार यहां से MLA नहीं बनना। क्योंकि, हस्तिनापुर पर तो शुरू से द्रौपदी का श्राप है। दिनेश खटीक का ये बातें कहते हुए 5.30 मिनट का वीडियो भी सामने आया है। वह बुधवार को एक स्कूल के समारोह में छात्रों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मंच पर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णन भी राज्यमंत्री दिनेश खटीक के साथ मौजूद थे। अब पढ़िए, वीडियो में राज्यमंत्री ने क्या कहा… दिनेश खटीक ने कहा- जो महाभारत का एक दृश्य दिखाया है वो अपने आप में अभिभूत है, मैं इसको अपने वाक्यों से नहीं बता सकता। ये भी एक संयोग है कि मुझे न गुरुजी, न आपने बुलाया। कल्कि अवतार जो भगवान हैं, जिनका मंदिर गुरुजी के हाथों बन रहा है। उन्होंने मुझे कहा कि हस्तिनापुर में जो वर्तमान विधायक हैं, उन्हें भी ये लीला दिखाने के लिए बुलाइए। ये जो लीला आपने दिखाई है, हस्तिनापुर का जो दृश्य आपने दिखाया है, मैं उसी हस्तिनापुर से विधायक हूं। परम पूज्य गुरुजी मन में एक बात आती रहती है। हस्तिनापुर सीट से एक बार कोई विधायक बनने के बाद दोबारा एमएलए नहीं बना। मीडिया पूछती थी कि आप दोबारा चुनाव लड़ते हैं तो जीतेंगे या नहीं। तो हमने भी कहा कि ये श्रापित भूमि हैं, जिस पर द्रौपदी का श्राप है। दिनेश खटीक ने स्वीकार किया कि हस्तिनापुर के उस पुराने ‘मिथक’ को तोड़ने में वह केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रभाव के कारण सफल रहे। उन्होंने कहा, “जब यहां कोई दोबारा नहीं जीत पाया, तो दिनेश खटीक की क्या औकात थी? लेकिन देश में मोदी और प्रदेश में योगी जैसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने मेरी नैया पार लगाई और मुझे दोबारा विधायक बनाया। दो बार एमएलए बना कुदरती मेरे मन से एक बात निकल रही है कि मैं दो बार श्रापित भूमि से एमएलए बन गया, मुझे यहां से तीसरी बार एमएलए नहीं बनना, ये मन की बात आपको बता रहा हूं। मैं सारे पुराण पढ़ा हुआ हूं, भागवत भी पढ़ता हूं, जो व्यक्ति इन्हें पढ़ा होगा उसे पता होगा कि वो दृश्य क्या है? अब दिनेश खटीक के बारे में पढ़िए विधायक दिनेश खटीक मवाना थाना क्षेत्र के कस्बा फलावदा के रहने वाले हैं। उन्होंने साल 2017 में पहली बार भाजपा की ओर से हस्तिनापुर विधानसभा से चुनाव लड़ा था। पहली ही बार में दिनेश खटीक ने बसपा प्रत्याशी योगेश वर्मा को हरा कर जीत हासिल की। दिनेश खटीक शुरू से ही भाजपा में रहे हैं और संघ के कार्यकर्ता रहे हैं। इनके पिता भी संघ के कार्यकर्ता रहे हैं। इनके भाई नितिन खटीक जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। जानकारी के अनुसार विधायक दिनेश खटीक का फलावदा में ईंट भट्टे का व्यवसाय है। वर्तमान में वह मेरठ के गंगानगर में रहते हैं। क्या है हस्तिनापुर का वो ‘मिथक’
कहा जाता है कि हस्तिनापुर से जो भी विधायक दोबारा चुनाव लड़ता है, वह हार जाता है। हस्तिनापुर के बारे में एक मिथक अभी भी बरकरार है। माना जाता है कि जिस पार्टी का यहां से विधायक बनेगा, उसी की प्रदेश में सरकार बनेगी। विपक्ष में रहने वाली पार्टियां हर बार इस मिथक को तोड़ने का प्रयास करती हैं, लेकिन अभी तक असफलता हासिल हुई है। दिनेश खटीक ने इस राजनीतिक मिथक को पौराणिक आधार देते हुए इसे महाभारत काल की द्रौपदी के श्राप से जोड़ दिया है। राज्यमंत्री का यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा। आचार्य प्रमोद कृष्णम के सामने किए गए इस एलान के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या दिनेश खटीक अगले चुनाव में अपनी सीट बदलेंगे या सक्रिय राजनीति से विश्राम लेंगे। फिलहाल, उनके इस ‘श्रापित भूमि’ वाले बयान ने विपक्षी दलों को भी चर्चा का नया मौका दे दिया है। मेरठ के खरखौदा क्षेत्र में पांची स्थित एमएस हेरिटेज स्कूल के 22वें वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, उत्तराखंड सरकार के राज्यमंत्री श्याम सिंह सैनी और मंत्री दिनेश खटीक पहुंचे थे। जिले की हस्तिनापुर विधानसभा से विधायक दिनेश खटीक योगी कैबिनेट में दूसरी बार राज्यमंत्री हैं।प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश खटीक ने 2022 में बीजेपी से दूसरी बार चुनाव लड़ा था। पहले कार्यकाल में उन्हें मंत्रीमंडल में फेरबदल करके सीएम योगी ने मंत्री बनाया था. दूसरी बार चुनाव जीते और फिर से उन्हें मंत्री बनाया गया।
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