पीलीभीत में रविवार को 7 बीघा जमीन के विवाद में भाई ने छोटे भाई की हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के इरादे से शव को घर में करीब आठ फुट गहरा गड्ढा खोदकर शव दफना दिया। बड़े भाई ने शुक्रवार को पुलिस को भाई हंसराज के कई दिनों से लापता होने की सूचना दी। साथ ही उसने हत्या की आशंका जताई। पुलिस की पूछताछ में मामला सामने आने के बाद शव बरामद कर मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है। घटना बिलसंडा थाना क्षेत्र के लिलहर गांव की है। पढ़िए पूरा मामला… दरअसल हंसराज (35) मूल रूप से बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव भौरूआ का निवासी था। अपने बड़े भाई पृथ्वीराज के साथ रहता था। वहीं मझला भाई नक्षत्रपाल सिंह अपनी ननिहाल लिलहर गांव में रहता था। हंसराज शादी नहीं हुई थी। घर में रहकर खेती का काम करता था। बताया जाता है कि हंसराज बड़े भाई के साथ रहता था। वह अपनी पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी की मांग कर रहा था। परिजनों के अनुसार, मृतक की मां को उनके मायके (ननिहाल) से 7 बीघा कृषि जमीन मिली थी। मां की मौत के बाद मझले भाई नक्षत्र पाल ने कथित रूप से पूरी जमीन अपने नाम करा ली। जब छोटा भाई हंसराज अपने हिस्से की मांग करता था। उसके साथ अक्सर मारपीट और विवाद होता था। परिवार में इसे लेकर तनाव लगातार बना हुआ था। बताया जा रहा है कि रविवार को जमीन के बंटवारे को लेकर एक बार फिर विवाद हुआ। घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर खुलेआम मारपीट हुई। जिसमें नक्षत्र पाल ने अपने छोटे भाई हंसराज के साथ बेरहमी से मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, इसके बाद आरोपी नक्षत्र पाल हंसराज को जबरन घसीटते हुए घर ले आया। आशंका जताई जा रही है कि उसी दिन हंसराज की हत्या कर शव को घर के अंदर ही गड्ढा खोदकर दफना दिया। 12 दिसंबर को गया, फिर नहीं लौटा बताया गया कि 12 दिसंबर को हंसराज अपने बड़े भाई पृथ्वीराज को बताकर लिलहर गांव गया था। लेकिन वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं लगा तो पृथ्वीराज ने पुलिस को सूचना दी और नक्षत्रपाल पर हत्या की आशंका जताई। 14 दिसंबर को कर दी थी हत्या शुक्रवार शाम करीब चार बजे पुलिस ने लिलहर गांव पहुंचकर जब नक्षत्रपाल से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने 14 दिसंबर को ही हंसराज की हत्या कर दी थी। शुक्रवार को बड़े भाई पृथ्वीराज ने करेली थाने में सूचना दी कि हंसराज कई दिनों से लापता है और उसे हत्या की आशंका है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। जिसके बाद सीओ प्रगति चौहान, थाना प्रभारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर नक्षत्र पाल भागने की कोशिश किया। पुलिस ने नक्षत्र को पकड़कर पूछताछ की। जिसमें आरोपी ने घटना की जानकारी दी। पुलिस ने उसके बताए गए स्थान पर खुदाई कराई गई तो घर के अंदर से हंसराज का शव बरामद हुआ। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। वहीं भतीजे रोहित ने चाचा नक्षत्र पाल और एक अन्य रिश्तेदार पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी नक्षत्र पाल सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद को ही हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है। थानाध्यक्ष विपिन शुक्ला ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद को ही हत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। —————————— ये भी पढ़ें….
पुलिस वालों को रौंदने वाले 2 बीटेक स्टूडेंट अरेस्ट:शराब खरीदते समय CCTV से पहचान, एक्सीडेंट के बाद सर्विस सेंटर में खड़ी की कार कानपुर में गंगा बैराज पर 3 पुलिसवालों को रौंदने वाले 2 बीटेक स्टूडेंट्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 3 आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। गिरफ्तार दोनों छात्रों की पहचान श्याम सुंदर (23) और अभिजीत (22) के रूप में हुई है। दोनों रामा यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला कि पुलिसवालों को रौंदने से पहले आरोपियों ने ठेके से शराब खरीदी। फिर सभी ने मिलकर शराब पी। छात्र श्याम सुंदर ने बताया- हम लोग हॉस्टल जा रहे थे। कार के शीशे खोलकर अभिजीत सेल्फी ले रहा था। पढ़ें पूरी खबर…