आगरा की बेटी ने जिताया रोल बॉल वर्ल्ड कप:खुली थार से निकला 16 KM का रोड शो, कहा- रोल बॉल भारत का भविष्य

दुबई में आयोजित सातवीं रोल बॉल वर्ल्ड कप चैंपियनशिप 2025 में आगरा की बेटी प्राची पचौरी ने शानदार प्रदर्शन कर भारत को जीत दिलाई। प्राची के शहर आने पर शुक्रवार को रोड शो का आयोजन किया गया। यह रोड शो 16 किमी लंबा रहा। इस दौरान खुली थार में प्राची अपने पिता से साथ मौजूद रहीं। 16 देशों की भागीदारी वाली इस चैंपियनशिप में भारतीय महिला रोल बॉल टीम ने फाइनल में केन्या को 3-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। केन्या लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप जीतने के इरादे से उतरी थी। फाइनल मुकाबले में प्राची पचौरी, इशिका शर्मा और सुविंधा सरीन के बेहतरीन तालमेल ने भारत की जीत की नींव रखी। यह भारत का तीसरा महिला रोल बॉल वर्ल्ड कप खिताब है। आगर में निकला रोड शो
विश्व कप जीतने के बाद चैंपियन खिलाड़ी के रूप में प्राची पचौरी जब पहली बार आगरा पहुंचीं, तो उनके सम्मान में भव्य रोड शो खुली थार से निकाला गया। यह रोड शो दोपहर 2 बजे शाहदरा चुंगी से शुरू हुआ। रोड शो शाहदरा चुंगी से नुनहाई, रामबाग, वाटरवर्क्स, सुल्तानगंज की पुलिया, भगवान टाकीज़, हरीपर्वत, मदिया कटरा, बोदला चौराहा से होते हुए दाहतोरा स्थित बॉस्टन पब्लिक स्कूल में शाम 4 बजे समाप्त हुआ। 16 किमी के रोड शो के दौरान शहर के कई इलाकों में लोगों ने फूल बरसाकर, मालाएं पहनाकर और जयकारों के साथ प्राची का स्वागत किया। इस मौके पर स्थानीय लोग, खेल प्रेमी और उनकी अकादमी के बच्चे बड़ी संख्या में मौजूद रहे। क्रिकेट की लोकप्रियता को लेकर बोलीं प्राची
प्राची पचौरी ने कहा- वह पिछले 10 वर्षों से लगातार मेहनत कर रही हैं और यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मंच था। पहली ही बार में विश्व कप जीतना उनके लिए बेहद गर्व और खुशी की बात है। उन्होंने क्रिकेट की लोकप्रियता को लेकर कहा कि भले ही क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल है। लेकिन रोल बॉल भी तेजी से उभरता हुआ खेल है और पिछले 10 वर्षों में इससे बड़ी संख्या में खिलाड़ी जुड़े हैं। उनका मानना है कि यह खेल भारत का भविष्य है। जैसे कि इस बार देखा गया कि बाकी गेम्स में भी खिलाड़ियों ने अपना परचम लहराया। टफ और कॉम्पटेटिव गेम है रोल बॉल
प्राची ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया- रोल बॉल एक बेहद कॉम्पटेटिव गेम है। क्योंकि इसे स्केट्स पहनकर खेला जाता है और इसमें शारीरिक मेहनत के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता भी जरूरी होती है। विश्व कप में खेलना उनका सपना था, जो अब पूरा हो चुका है। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने कोच सुमित पाराशर और अपने माता-पिता को दिया। पिता बोले– आज मेरी बेटी शहर और देश की बेटी बन गई
प्राची के पिता दिग्विजय पाराशर ने कहा- प्राची ने पढ़ाई और खेल दोनों में बेहतरीन संतुलन बनाया। वह 10वीं और 12वीं कक्षा में टॉपर रही। रात में पढ़ाई और दिन में अभ्यास करती थी। उसी मेहनत का नतीजा है कि आज उसे यह बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि आज प्राची सिर्फ उनकी बेटी नहीं, बल्कि पूरे शहर और देश की बेटी बन गई है। विद्यालय में हुआ सम्मान समारोह
रोड शो के समापन के बाद दाहतोरा स्थित बॉस्टन पब्लिक स्कूल में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में स्थानीय नागरिकों, खेल प्रेमियों और प्राची की अकादमी के बच्चों की मौजूदगी रही। सभी ने प्राची की उपलब्धि पर गर्व जताया। रोल बॉल क्या है और कैसे खेला जाता है
रोल बॉल एक तेज गति वाला टीम खेल है, जिसे स्केट्स पहनकर खेला जाता है। इसे हैंडबॉल और बास्केटबॉल का मिश्रित रूप माना जाता है। खेलने का तरीका: दो टीमों के बीच मुकाबला होता है, प्रत्येक टीम में 7 खिलाड़ी होते हैं, खिलाड़ी स्केट्स पहनकर मैदान में उतरते हैं, गेंद को हाथों से पास किया जाता है, विरोधी टीम के गोल पोस्ट में गेंद डालकर अंक प्राप्त किए जाते हैं। यह खेल गति, संतुलन और रणनीति पर आधारित होता है। प्राची पचौरी की भूमिका
प्राची पचौरी भारतीय महिला रोल बॉल टीम में हरफनमौला खिलाड़ी के रूप में शामिल रहीं। तेज स्केटिंग, सटीक पास, गोल करने की क्षमता, इन खूबियों के कारण उन्होंने विश्व कप मुकाबलों में टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ————————– ये खबर भी पढ़ें… ‘बाबा रामदेव के नकली घी से निकल रहे मुंहासे’:गोंडा में बृजभूषण सिंह ने फिर योग गुरु पर तंज कसा; 5 महीने पहले मांगी थी माफी यूपी के बाहुबली और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर योग गुरु बाबा राम देव पर तंज कसा है। बृजभूषण सिंह गोंडा के बेलसर में गुरुवार को आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में पहुंचे थे। पढे़ं पूरी खबर…