लखनऊ में रविवार को उत्तर प्रदेश प्राइवेट वाहन चालक यूनियन का 12वां स्थापना मनाया गया। इस अवसर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए निजी वाहन चालक जमा हुए।यूनियन के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने संगठन की एकजुटता और उसे मजबूत बनाने पर चर्चा की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे मौजूद रहे। अनिल दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि निजी वाहन चालक समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ये बेहद अफसोस कि बात है उन्हें जो सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक न्याय मिलना चाहिए नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क परिवहन व्यवस्था को सुचारु रखने में चालकों की भूमिका सबसे अहम है। चालकों की समस्याओं पर सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। हमारी पार्टी हमेशा वाहन चालकों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रही है और भविष्य में भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी । स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्राइवेट वाहन चालक यूनियन की नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही यूनियन ने प्रदेश सरकार के सामने प्रमुख मांगे रखी। इसमें डीज़ल की कीमत ₹15 प्रति लीटर तक कम करने, वाहन चालकों के लिए ₹26 लाख तक के दुर्घटना बीमा की व्यवस्था सुनिश्चित करने, चालकों को न्यूनतम ₹10,000 मासिक पेंशन देने साथ ही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक सशक्त ड्राइविंग सुरक्षा बोर्ड के गठन की मांग की।