गोरखपुर में बाल स्वास्थ्य पोषण माह शुरू:5.82 लाख बच्चों को विटामिन ए देने का लक्ष्य, टीकाकरण सत्र पर मिलेगी खुराक

गोरखपुर में बाल स्वास्थ्य पोषण माह की औपचारिक शुरुआत हो गई है। अभियान के तहत नौ माह से पांच साल तक के करीब 5.82 लाख बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। सोमवार को जिला महिला अस्पताल से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जहां नियमित टीकाकरण सत्र स्थल पर ही बच्चों को दवा पिलाने की व्यवस्था की गई। यह अभियान 24 जनवरी तक चलेगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नौ माह से पांच साल तक के बच्चों को कुल नौ बार विटामिन ए की खुराक देना अनिवार्य है। पहली खुराक नौ से बारह माह की उम्र में एमआर टीके के पहले डोज के साथ आधा चम्मच (1 मिलीलीटर) दी जाती है। दूसरी खुराक सोलह से चौबीस माह के बीच एमआर टीके के दूसरे डोज के साथ एक पूरा चम्मच (2 मिलीलीटर) दी जाती है। इसके बाद दो से पांच साल की उम्र तक हर छह माह पर एक पूरा चम्मच दवा पिलाई जाती है। कुपोषण और गंभीर बीमारियों से बचाव में प्रभावी मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि विटामिन ए बच्चों को कुपोषण, मीजल्स, डायरिया और रतौंधी से बचाने में अहम भूमिका निभाता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और शारीरिक विकास में सहायक है। विटामिन ए की कमी से आंखों की कमजोरी, बार-बार संक्रमण और विकास में रुकावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मीजल्स की स्थिति में यह दवा जटिलताओं और मृत्यु दर को भी कम करती है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के अनुसार प्रत्येक बुधवार और शनिवार को नियमित टीकाकरण सत्र तथा छाया एकीकृत ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के सत्र स्थलों पर विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ सत्र स्थल तक लाने में सहयोग करेंगी। अभियान हर छह माह के अंतराल पर चलाया जाता है, ताकि कोई भी पात्र बच्चा दवा से वंचित न रह जाए। आयु वर्ग के अनुसार तय लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस अभियान में नौ माह से एक साल तक के 66 हजार, एक से दो साल तक के 1.25 लाख और दो से पांच साल तक के 3.91 लाख बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान की नियमित मॉनिटरिंग कर समय पर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।