प्रतापगढ़ में पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा और रानीगंज के पूर्व विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा के बीच राजनीतिक रंजिश खुलकर सामने आ गई है। दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच हुए विवाद के बाद मामला मारपीट, धमकी और तोड़फोड़ तक पहुंच गया। पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा के करीबी लालमणि तिवारी की शिकायत पर रानीगंज कोतवाली में पूर्व विधायक धीरज ओझा, उनके भतीजे ब्लॉक प्रमुख सत्यम ओझा, भाई नीरज ओझा, दिलीप दुबे समेत कुल 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला मारपीट, धमकी देने और वाहनों में तोड़फोड़ की धाराओं में दर्ज हुआ है। आरोप है कि शनिवार रात पूर्व विधायक धीरज ओझा ने अपने समर्थकों के साथ पूर्व मंत्री के बेटे पूर्णांशु ओझा और उनके समर्थकों के काफिले पर हमला करने का प्रयास किया। इस दौरान लालमणि तिवारी की पिटाई की गई और उनके वाहन में तोड़फोड़ की गई। आरोप है कि असलहे से वाहन का शीशा तोड़ा गया और पूर्व मंत्री के बेटे को धमकी भी दी गई। एडिशनल एसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पूर्व विधायक धीरज ओझा, उनके भतीजे सत्यम ओझा और भाई नीरज ओझा सहित 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, दूसरे पक्ष से पूर्व विधायक धीरज ओझा ने भी रानीगंज कोतवाली में तहरीर देकर पूर्व मंत्री के बेटे पूर्णांशु ओझा और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा ने आरोप लगाया कि उनका बेटा एसआईआर-एसएआर का कार्य निपटाकर घर लौट रहा था। तभी राजनीतिक रंजिश के चलते उस पर हमला करने की कोशिश की गई। समर्थकों के बीच बचाव के कारण हमला असफल रहा, लेकिन काफिले की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और उनके करीबी के साथ मारपीट की गई। गौरतलब है कि शिवाकांत ओझा और धीरज ओझा दोनों भाजपा के नेता हैं और दोनों के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत रही है। इस घटना के बाद प्रतापगढ़ का सियासी माहौल गर्म हो गया है। पुलिस दोनों पक्षों की तहरीरों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है।