पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य और निषाद पार्टी के नेता रविंद्र मणि निषाद महोबा पहुंचे। उन्होंने यहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए निषाद समाज को एकजुट होने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मछुआ समुदाय अब ‘बिकाऊ’ नहीं बल्कि ‘टिकाऊ’ समाज बन चुका है। रविंद्र मणि निषाद का यह दौरा उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर हुआ। उन्होंने 13 जनवरी को लखनऊ में आयोजित होने वाले ‘निषाद पार्टी कार्यकर्ता संकल्प दिवस’ के लिए समाज को जागरूक किया और उसमें शामिल होने का न्योता दिया। महोबा पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए निषाद ने पार्टी अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के संघर्षों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग मछुआ समाज को ‘पियाऊ और बिकाऊ’ समझते थे, लेकिन डॉ. संजय निषाद के प्रयासों से इस समाज को राजनीति में सम्मानजनक और ‘टिकाऊ’ स्थान मिला है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने निषाद समाज की उपेक्षा की। रविंद्र मणि निषाद ने तर्क दिया कि अन्य आरक्षित वर्गों के बच्चे सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं, जबकि निषाद समाज जागरूकता की कमी के कारण पिछड़ा रह गया। उन्होंने समाज को उनके ऐतिहासिक महत्व की याद दिलाई, जब वे कभी सत्ता के मालिक हुआ करते थे। रविंद्र मणि निषाद ने समाज की 578 उपजातियों से एकजुट होकर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक समाज को संविधान की सूची के अनुसार पूर्ण अधिकार नहीं मिल जाते, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। लखनऊ में होने वाले संकल्प दिवस को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया, जहां निषाद पार्टी आगामी चुनावों में एक निर्णायक शक्ति बनने की उम्मीद कर रही है।