राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल ने पत्नी और बेटे के साथ गोवर्धन की परिक्रमा की। मुख्यमंत्री ने 21 किलोमीटर की परिक्रमा 6 घंटे में पूरी की। इससे पहले उनकी पत्नी और बेटे ने यहां की दंडवती परिक्रमा लगाई थी। गोवर्धन की परिक्रमा देने पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल आस्था और भक्ति में डूबे नजर आए। मुख्यमंत्री भजन लाल मोजा पहनकर परिक्रमा दे रहे थे। उनकी पत्नी नंगे पैर परिक्रमा दे रही थीं। सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुख्यमंत्री भजन लाल जय गोवर्धन और राधे-राधे बोलते हुए परिक्रमा दे रहे थे। आम लोग भी परिक्रमा कर रहे थे। मुख्यमंत्री का सुरक्षा दस्ता आम लोगों की आस्था का ख्याल रखते हुए उनसे टोका-टाकी नहीं कर रहा था। यह 3 तस्वीर देखिए… पत्नी-बेटे ने दंडवत परिक्रमा की मुख्यमंत्री की पत्नी गीता शर्मा और पुत्र आशीष शर्मा ने तीन दिन पहले गोवर्धन में 21 किलोमीटर की दंडवती परिक्रमा शुरू की थी। यह परिक्रमा गिर्राज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग पर की गई। जिसमें मां-बेटे की यह जोड़ी कड़ाके की ठंड के बावजूद पूरी आस्था के साथ कनक-दंडवत करते हुए आगे बढ़ीं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गोवर्धन से गहरा आध्यात्मिक लगाव रहा है। मुख्यमंत्री बनने से पहले भी वे वर्षों से नियमित रूप से गोवर्धन आते रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, भजनलाल शर्मा और उनका परिवार लंबे समय से गिर्राज महाराज के अनन्य भक्त हैं। 21 किलोमीटर की सबसे कठिन साधना दंडवती परिक्रमा को गोवर्धन की सबसे कठिन धार्मिक साधनाओं में से एक माना जाता है। इसमें श्रद्धालु 21 किलोमीटर के पूरे मार्ग पर लेटकर प्रणाम करते हुए आगे बढ़ते हैं, जिसे कनक-दंडवत भी कहा जाता है। गीता शर्मा और आशीष शर्मा की इस कठिन साधना को देखने के लिए परिक्रमा मार्ग में बड़ी संख्या में भक्त भी उमड़े। यह धार्मिक अनुष्ठान भजनलाल शर्मा के परिवार द्वारा हर वर्ष किया जाता है। परिवार के सदस्यों का मानना है कि उनकी वर्तमान सफलता ‘ठाकुर जी’ और गिर्राज महाराज की कृपा का परिणाम है।क्षेत्रीय श्रद्धालुओं और संतों ने मुख्यमंत्री परिवार की इस भक्ति की सराहना की है। उन्होंने इसे लोक-कल्याण की मंगलकामना का प्रतीक बताया। ————– यह खबर भी पढ़िए… रेपिस्ट ने लिपिस्टक लगाई, बुर्का पहनकर महिलाओं में छिपा: खुद को डिप्टी SP बताता था; वृंदावन से दबोचकर पुलिस ने जुलूस निकाला मथुरा के वृंदावन में 16 साल की लड़की से रेप करने वाले आरोपी को पुलिस ने पकड़ा है। वह भेष बदलकर वृंदावन में छिपा था। जिस वक्त आरोपी दबोचा गया, वह बुर्के में था। होठों पर लिपस्टिक लगाकर महिलाओं के बीच छिपकर बैठा था। आरोपी का नाम राजेंद्र सिसौदिया है। वह धौलपुर का रहने वाला है। वह कभी खुद को इंस्पेक्टर और कभी डिप्टी एसपी बताता था। राजेंद्र ने धौलपुर में एक 16 साल की लड़की को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर घर पर बुलाया था। लड़की के साथ उसका भाई भी आरोपी के घर गया था। लेकिन आरोपी ने लड़की के भाई को डॉक्यूमेंट की फोटोकॉपी कराने के लिए घर से बाहर भेज दिया। पूरी खबर पढ़िए