मथुरा में सरकारी कार्यों में लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के गंभीर आरोपों के बाद जिलाधिकारी ने कड़ी कार्रवाई की है। महावन उपजिलाधिकारी के पेशकार महेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, जिलाधिकारी सीपी सिंह ने एसडीएम महावन को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। बताया गया है कि तहसील महावन के एसडीएम कार्यालय में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर वकीलों द्वारा लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं। वकीलों का आरोप था कि इन गतिविधियों में एसडीएम के पेशकार महेंद्र सिंह की प्रमुख भूमिका रही है। यह मामला मथुरा बार एसोसिएशन के साथ हुई बैठक में भी जिलाधिकारी के समक्ष उठाया गया था। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने 19 नवंबर को प्रशासनिक फेरबदल करते हुए महावन एसडीएम के पेशकार महेंद्र सिंह को गोवर्धन एसडीएम कार्यालय स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। गोवर्धन के पेशकार को महावन एसडीएम कार्यालय भेजा गया था। हालांकि, आरोप है कि जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद एसडीएम महावन ने पेशकार महेंद्र सिंह को लंबे समय तक कार्यमुक्त नहीं किया। जब इस लापरवाही की जानकारी जिलाधिकारी को मिली, तो उन्होंने एसडीएम को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद पेशकार को औपचारिक रूप से कार्यमुक्त किया गया। इसके बावजूद, महेंद्र सिंह ने गोवर्धन में कार्यभार ग्रहण नहीं किया और महावन में ही रहकर एसडीएम कार्यालय के कार्यों का निपटारा करता रहा। कुछ वकीलों ने सीधे जिलाधिकारी को इसकी सूचना दी, जिससे वे बेहद नाराज हो गए। तत्काल कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने महेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया और उनकी संपत्ति की जांच के आदेश एडीएम (प्रशासन) अमरेश कुमार को सौंप दिए। वहीं, एसडीएम महावन कंचन गुप्ता से भी पूरे प्रकरण पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।