पूर्व लिपिक स्वयंप्रकाश शुक्ला पर गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज:पुलिस ने बताया गैंग लीडर, शिक्षा विभाग में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी

गोंडा जिले के एडेड कॉलेज में तैनात रहे पूर्व लिपिक स्वयं प्रकाश शुक्ला और उनके सहयोगी अवधेश शुक्ला पर जिला प्रशासन और पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी की शिकायत पर नगर कोतवाली में दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, स्वयं प्रकाश शुक्ला शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का सरगना है। उसके खिलाफ गोंडा जिले के इटियाथोक, कटरा बाजार और नगर कोतवाली थानों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के कुल छह मुकदमे पहले से दर्ज हैं। आर्थिक लाभ के लिए लोगों को नौकरी का झांसा नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि स्वयं प्रकाश शुक्ला (निवासी- बेंदुली, थाना इटियाथोक, वर्तमान पता- रघुकुल हॉस्टल के सामने, सिविल लाइन) और अवधेश कुमार शुक्ला (निवासी- पूरे शुक्ल चरहुवा, थाना परसपुर, वर्तमान पता- सिविल लाइन) ने मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया था। यह गिरोह अंतरजनपदीय स्तर पर सक्रिय रहकर शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूल करता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य अभ्यस्त अपराधी हैं और लंबे समय से इस तरह की ठगी में लिप्त थे। 10 लाख की ठगी, सिर्फ 4 लाख लौटाए पुलिस के मुताबिक, रमेश कुमार मौर्य ने 2 सितंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 10 लाख रुपये मांगे। इसमें से 6 लाख रुपये आरोपी के ड्राइवर उमाशंकर के सामने नकद दिए गए, जबकि 4 लाख रुपये RTGS के माध्यम से ट्रांसफर किए गए। नौकरी न लगने पर दबाव बनाने पर आरोपियों ने केवल 4 लाख रुपये लौटाए और शेष 6 लाख रुपये हड़प लिए। इस मामले में थाना नगर कोतवाली में मु०अ०सं० 679/25 धारा 420 IPC के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। शिक्षक भर्ती के नाम पर 16 लाख की वसूली एक अन्य मामले में दीपक कुमार ने 1 जुलाई 2025 को पुलिस को सूचना दी कि आरोपियों ने शिक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर नकद और चेक के माध्यम से कुल 16 लाख रुपये लिए थे। नौकरी न मिलने पर जब दीपक ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में थाना नगर कोतवाली में मु०अ०सं० 519/25 धारा 420/406/506 IPC के तहत मुकदमा दर्ज है। गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई, डीएम ने किया गैंग चार्ट अनुमोदित पुलिस विवेचना में यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए लोगों को ठगने का अभ्यस्त है। समाज में इनके भय और आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए इनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 (गैंगस्टर एक्ट) की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी गोंडा ने 2 जनवरी 2026 को गिरोह के खिलाफ गैंग चार्ट को अनुमोदन दिया। वर्तमान में पुलिस कई मामलों में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर चुकी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। एसपी बोले— जिलेभर के मामलों की हो रही समीक्षा गोंडा के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि नगर कोतवाल की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी गिरोह बनाकर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। जिला मजिस्ट्रेट के अनुमोदन के बाद यह कार्रवाई की गई है। जिले के विभिन्न थानों में दर्ज अन्य मुकदमों की भी समीक्षा कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।