अंकिता भंडारी हत्याकांड:यूपी में कांग्रेस ने कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलि, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय बोले- न्याय मिलने तक करेंगे संघर्ष

देश को झकझोर देने वाले अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा सरकार की कथित लापरवाही और निरंकुशता के खिलाफ उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में आज लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा के सामने कैंडल जलाकर दिवंगत अंकिता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। साथ ही, सरकार की हीलाहवाली के खिलाफ मौन रखकर विरोध जताया गया। अपराधियों को बचा रही उत्तराखंड सरकार: अजय राय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला सत्ता के संरक्षण में अपराधियों को बचाने का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने साफ शब्दों में मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच सीबीआई से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो। कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ, न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा अजय राय ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि इस मामले में हीलाहवाली की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, मीडिया विभाग चेयरमैन व पूर्व मंत्री डॉ. सी.पी. राय, जिला कांग्रेस कमेटी लखनऊ के अध्यक्ष रूद्र दमन सिंह बबलू, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव त्यागी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. उमा शंकर पाण्डेय, प्रमोद सिंह, विकास श्रीवास्तव, वरिष्ठ नेता द्विजेंद्र त्रिपाठी समेत कई प्रमुख कांग्रेस नेता मौजूद रहे। क्या था पूरा मामला? उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक रिसॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने वाली अंकिता भंडारी तीन साल पहले यानी 18 सितंबर 2022 को अचानक गायब हो गई और बाद में उसकी लाश एक नहर के पास मिली थी। अंकिता की हत्या का आरोप रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और रिसॉर्ट के असिस्टेंट मैनेजर पर लगा था। उस वक्त राज्य के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया था कि अंकिता ने अपने एक दोस्त को चैट पर बताया था कि उसे रिसॉर्ट के VIP को ‘विशेष सेवाएं’ देने के लिए मजबूर किया जा रहा था। 19 साल की अंकिता की हत्या के बाद न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि पूरे देश में आक्रोश है।