प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र यानि वाराणसी में जनता की शिकायतें अधिक और सुनवाई कम नजर आ रही है। जनता दरबार से न्याय की आस लेकर आने वाले मायूस लौट रहे हैं फिर चाहे डीएम मौजूद हो या कमिश्नर। सोमवार को तहसील दिवस में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार झा की मौजूदगी में सैकड़ों लोग गुजारिशें लेकर परिसर में पहुंचे। अलग-अलग काउंटर से होकर 128 शिकायतें पटल तक पहुंची, डीएम ने अप्लीकेशन थामे मगर निस्तारण की संख्या दहाई भी पार नहीं कर सकी। अफसरों की लापरवाही इस कदर नजर आई कि फरियादी एक विभाग से दूसरे विभाग तक दौड़ते नजर आए। फजीहत होते देखकर अलग-अलग विभागों ने एक-एक प्रार्थनापत्र निस्तारण का प्रयास किया तब पूरे दिन भर में महज 9 अप्लीकेशन का निस्तारण हुआ। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के सामने राजस्व, पुलिस, चिकित्सा, कृषि, खाद एवं रसद, पंचायतीराज, विद्युत, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी सहित अन्य विभागों के कुल 128 मामले आए। शेष मामलों को संबंधित विभाग के अधिकारियों को हस्तांतरित करते हुए जिलाधिकारी ने समय सीमा के अंदर निस्तारित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने भूमि विवाद संबंधी मामलों को पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जाकर सत्यापन कर मामले को निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी जन समस्याओं को गंभीरतापूर्वक लें। एसडीएम सदर/जॉइंट मजिस्ट्रेट नितिन सिंह सहित राजस्व विभाग व पुलिस विभाग के अधिकारी तथा सभी जनपद स्तर के अधिकारी मौजूद थे।