सिद्धार्थनगर में महिला लेखपाल ने ग्रामीणों से जमकर पैसे वसूले। लेखपाल ने चकबंदी के बाद गांव में कैंप लगाकर रजिस्टर पर नाम चढ़ा रही थीं। उन्होंने एक ग्रामीण से कहा 50 रुपए से काम नहीं चलेगा चुपचाप 100 रुपए रखो। इस दौरान वहां मौजूद किसी दूसरे व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया। लेखपाल ने नाम चढ़ाने के बदले करीब 600 ग्रामीणों से 50 से लेकर 200 रुपए तक वसूले। मामला शोहरतगढ़ तहसील की ग्राम सभा बैजनथा का है। कैंप मंगलवार की दोपहर को लगाया गया था। वसूली का वीडियो आज बुधवार को सामने आया है। डीएम ने जांच के बाद महिला लेखपाल को सस्पेंड कर दिया है। एक महीने पहले हुई गांव में चकबंदी बैजनथा ग्राम सभा की कुल आबादी करीब 2500 है। इसमें कटहा, बैरिहवा, नइडहर और लमुइया टोले गांव आते हैं। इस गांव की चकबंदी एक महीने पहले हुई है। इस दौरान फॉर्म-41 और 45 भरना अनिवार्य होता है। फॉर्म-41 और 45 में खातेदारों के नाम और जमीन से जुड़े अभिलेख दर्ज किए जाते हैं। यही फॉर्म भरवाने के लिए मंगलवार को विभाग की तरफ से गांव में कैंप लगवाया गया था। इसमें चकबंदी लेखपाल अनिता यादव अपने सहयोगी के साथ फॉर्म भरवा रही थीं। 50 रुपए देने लगा ग्रामीण तो टोका, 100 की नोट ली वीडियो में दिख रहा है कि लेखपाल एक एक ग्रामीण का नाम लेकर उसे फॉर्म दे रही हैं। फॉर्म के बदले पैसे ले रही हैं। उसके सामने बैठा सहयोगी एक बैग में पैसे रखता नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि चकबंदी लेखपाल अनिता यादव ने फॉर्म-41 और 45 में नाम दर्ज करने के लिए सभी से 50 रुपए से 200 रुपए तक की वसूली की। वीडियो में एक शख्स लेखपाल से 50 रुपए देने की बात कहता है तो लेखपाल उसकी तरफ देखते हुए कहती हैं- तुम 50 दोगे। चुपचाप 100 रुपए रखो। इसके बाद वो शख्स 100 की नोट तख्त पर रखता नजर आ रहा है। वसूली का ये वीडियो जब प्रशासनिक अफसरों तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। DM ने कराई जांच गांव के लोगों का आरोप है कि जो ग्रामीण पैसे देने में आनाकानी कर रहे थे, उनके काम में जानबूझकर देरी की जा रही थी। इसके चलते करीब 600 लोगों ने पैसे दिए हैं। बाकी बचे लोगों के लिए बाद में कैंप लगाने की बात भी कही गई। लेखपाल की वसूली का वीडियो आने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने जांच के आदेश दिए। वीडियो की एसडीएम से जांच कराई गई। आरोप सही पाए जाने पर लेखपाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। ————– ये खबर भी पढ़े BJP विधायक डॉक्टरों पर भड़के, बोले-मुझे शर्म आती है:लखीमपुर में हार्ट का डॉक्टर नहीं; गर्भवती महिला की जिंदगी लौटा पाओगे क्या? ‘मुझे शर्म आती है कि मेरे जिले में हार्ट का एक भी डॉक्टर नहीं है। जिले के जनप्रतिनिधि विधानसभा में कई बार ये मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन आजतक कोई सुनवाई नहीं हुई। हालत ये है कि एक MLA अस्पताल आया है और डॉक्टर बाहर तक नहीं आए हैं। ‘ पूरी खबर पढ़ें