चुनार-चोपन रेलवे परियोजना में तेजी लाने का निर्देश:कमिश्नर बोले- भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में देरी अस्वीकार्य

मिर्जापुर में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए विकास भवन गेट के सामने एक गोल चौराहा बनाया जाएगा। यह निर्णय विंध्याचल मंडल के मंडलायुक्त राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में लिया गया। बैठक में प्रयागराज और पंडित दीन दयाल उपाध्याय के बीच तीसरी रेल लाइन, चुनार-चोपन रेलवे दोहरीकरण परियोजना और राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित चल रही व प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने रेलवे और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं में आ रही सभी बाधाओं का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और तकनीकी अड़चनों के कारण कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। इसी क्रम में मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी और रेलवे अधिकारियों के साथ विकास भवन और रेलवे माल गोदाम के बीच के क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। यातायात दबाव, सड़क की चौड़ाई, वाहनों की आवाजाही और संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए विकास भवन गेट के सामने गोल चौराहा बनाने का निर्णय लिया गया। इससे क्षेत्र में जाम की समस्या कम होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा। भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों पर चर्चा करते हुए मंडलायुक्त ने उप जिलाधिकारी सदर को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर कब्जे या अवरोध के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है, वहां एक सप्ताह के भीतर पैमाइश कराकर समाधान किया जाए। मुआवजा वितरण से जुड़े मामलों का भी शीघ्र निस्तारण करने को कहा गया। बैठक में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के मंडल रेल प्रबंधक, उप मुख्य अभियंता (निर्माण), रेलवे स्टेशन अधीक्षक, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी, परियोजना निदेशक एनएच-135ए एवं एनएच-7, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंडलायुक्त ने जोर दिया कि रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी ये परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास, यातायात सुविधा और जनहित से सीधे जुड़ी हैं। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि परियोजनाएं निर्धारित समय में पूरी हों और आम जनता को इसका शीघ्र लाभ मिल सके।