फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर लगे रामनगरिया मेले में मंगलवार रात गंगा में तेज कटान शुरू हो गई। इससे मेले में अफरातफरी मच गई। कल्पवासियों की सतर्कता के कारण गंगा किनारे बनी 12 राउटी (झोपड़ियां) कटान की जद में आने से बच गईं, जिससे एक बड़ी घटना टल गई। मेला रामनगरिया में हजारों श्रद्धालु कल्पवास कर रहे हैं। मंगलवार देर रात छह नंबर सीढ़ी के पास गंगा किनारे कटान होने लगी। बालू की पहाड़ी गिरने की आवाज सुनकर कल्पवासी जाग गए और अपने बच्चों को झोपड़ियों से बाहर निकाला। प्रभावित कल्पवासियों में विटाना देवी, सत्यपाल, जगतपाल, जगदीश और बिट्टा देवी शामिल थे। उन्होंने अन्न गुरु कृपा क्षेत्र के महंत स्वामी धर्मचैतन्य ब्रह्मचारी को इसकी सूचना दी। स्वामी धर्मचैतन्य ब्रह्मचारी ने तुरंत जूना अखाड़ा के अध्यक्ष सत्यगिरी महाराज को सूचित किया। अध्यक्ष संतों और अन्य श्रद्धालुओं के साथ मौके पर पहुंचे। मेले में लाउडस्पीकर से भी घोषणा कराई गई। एडीएम न्यायिक दिनेश कुमार को भी घटना की जानकारी दी गई। मेला व्यवस्थापक संजय कुमार मिश्र ने मौके पर पहुंचकर कल्पवासियों को गंगा से दूर राउटी लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद लगभग 12 कल्पवासियों की राउटी हटाकर सुरक्षित स्थान पर स्थापित की गईं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि नरौरा बांध से चार हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा में धार तेज होने के कारण रेत में कटान होने लगता है।