उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस और आबकारी विभाग ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की। पीलीभीत के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तथा बरेली प्रभार के उप आबकारी आयुक्त के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान से शराब माफियाओं को बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को जिला आबकारी अधिकारी कल्पनाथ रजक के नेतृत्व में यह संयुक्त टीम गठित की गई। इसमें पीलीभीत के आबकारी निरीक्षक (क्षेत्र 1, 4 और 5), खटीमा (उधमसिंह नगर) के आबकारी कर्मचारी, तथा न्यूरिया (पीलीभीत) और खटीमा (उत्तराखंड) थानों की पुलिस शामिल थी। संयुक्त टीम ने उत्तराखंड के खटीमा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ढाकी ग्राम, डीऊनी डैम के जंगल और देवहा नदी के किनारे स्थित संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। दुर्गम रास्तों और घने जंगलों में टीम ने लगभग 6 किलोमीटर तक सघन तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान जंगलों के भीतर अवैध शराब बनाने की बड़ी इकाइयां संचालित पाई गईं। टीम ने मौके से लगभग 120 लीटर तैयार कच्ची शराब जब्त की। इसके अतिरिक्त, शराब बनाने के लिए तैयार किया गया लगभग 3000 लीटर लहन बरामद कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। मौके पर धधक रही 6 शराब की भट्ठियां और शराब बनाने के भारी उपकरण भी बरामद किए गए, जिन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इस संबंध में आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत तीन अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, दोनों राज्यों की इस संयुक्त कार्रवाई से अंतर्राज्यीय सीमा पर सक्रिय शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता की नीति भविष्य में भी जारी रहेगी।