क्रिप्टो के नाम पर 100 करोड़ की ठगी:आगरा पुलिस ने अंतरराज्यीय गैंग के 2 आरोपियों को दबोचा, 1500 से ज्यादा लोग बने शिकार

कम निवेश में जल्दी ज्यादा मुनाफे का सपना दिखाकर आम लोगों की कमाई हड़पने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय क्रिप्टो फ्रॉड गिरोह का आगरा साइबर क्राइम पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। फर्जी क्रिप्टो कंपनी और नकली वेबसाइट के जरिए लोगों को निवेश के लिए उकसाने वाले इस गिरोह ने करीब 100 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया। मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं। एडीसीपी आदित्य कुमार ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वर्ष 2021 से एक सुनियोजित योजना के तहत लोगों को ठगना शुरू किया। इसके लिए उन्होंने ASTCOIN.BIZ नाम से एक फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट तैयार कराई। astcoinbiz@gmail.com नाम से ई-मेल आईडी बनाई। वेबसाइट का सर्वर Liquid Web कंपनी से लिया गया, जिसका यूज़रनेम ASTSWAP था। वेबसाइट पर निवेशकों को यह दिखाया जाता था कि उनका पैसा तेजी से बढ़ रहा है। फर्जी बैलेंस, बढ़ता हुआ मुनाफा और आकर्षक ग्राफ दिखाकर निवेशकों को भरोसे में लिया गया। सेमिनार और चेन सिस्टम से फंसाया
आरोपियों ने लोगों को जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर होटलों में सेमिनार आयोजित किए। इनमें बताया जाता था कि सिर्फ 1 लाख रुपये निवेश पर 7 लाख रुपये तक का रिटर्न मिलेगा। रिफरल कोड और चेन सिस्टम से अतिरिक्त कमाई होगी। ज्यादा लोगों को जोड़ने पर बोनस और कमीशन मिलेगा। करीब 1500 से ज्यादा लोग इस जाल में फंस गए। आईडी बनाने के नाम पर 8,500 रुपए प्रति व्यक्ति भी वसूले गए। लोगों को भरोसा दिलाया गया कि पैसा कभी भी निकाला जा सकता है, लेकिन यह दावा पूरी तरह झूठा निकला। जैसे ही निवेश बढ़ा, बंद कर दी गई निकासी
जब निवेशकों की संख्या और रकम काफी बढ़ गई, तो आरोपियों ने वेबसाइट पर दिखने वाला मुनाफा अचानक घटा दिया। निकासी सुविधा बंद कर दी। निवेश की गई राशि को अलग-अलग खातों, क्रिप्टो वॉलेट और तीसरे पक्ष के खातों में ट्रांसफर कर दिया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को दुबई के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और ‘पील्ली ऑल्टिका’ नामक क्रिप्टो में भी इन्वेस्ट किया गया। ये हुए गिरफ्तार
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेल के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसमें
विनोद कुमार पुत्र श्री ब्रजपाल सिंह निवासी— ग्राम व पोस्ट बिलौपुरा, थाना सिंघावली अहीर, जनपद बागपत।
विनय कुमार पुत्र लालबाबू ठाकुर निवासी— सैनानी बिहार रेलीबाग, थाना पीजीआई, जनपद लखनऊ।
मामले में चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं। इसमें नरेंद्र कुमार सिसोदिया,शुभम सिसोदिया, गोपाल, सचिन स्वामी हैं। मुख्य आरोपी विनोद कुमार के खिलाफ पहले से ही गैंगस्टर एक्ट, आईटी एक्ट और IPC की कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वह साइबर फ्रॉड के मामलों में शातिर अपराधी के रूप में चिन्हित है।