मनरेगा की लूट बंद होने से हताश हुआ विपक्ष:जीरामजी अधिनियम से श्रमिकों को मिलेगी असली रोजगार की गारंटी

प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा यूपीए सरकार में मनरेगा के नाम पर लूट होती थी। मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं होता था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की जीरामजी अधिनियम से श्रमिकों को 125 दिन रोजगार मिलेगा और सात दिन में मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। मनरेगा में होने वाली लूट बंद होने के कारण विपक्ष जीरामजी अधिनियम का विरोध कर रहा है। लेकिन जनता अब जान गईं है अब विपक्ष के बहकावे में आने वाली नहीं है। भारतीय जनता पार्टी मेरठ महानगर ने एस जी एम गार्डन में विकसित भारत-जी राम जी बिल के उपलक्ष्य में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि भारत की आत्मा गांव में बसती है और गांव की आत्मा मजदूर, किसान और मेहनतकश परिवारों में बसती है। उन्होंने कहा कि कहा कि कांग्रेस सरकार में मनरेगा का क्या हाल था, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय मनरेगा में 2 लाख 13 हजार 220 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे, जबकि एनडीए की सरकार ने 8 लाख 53 हजार 810 करोड़ रुपए खर्च किए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने मजदूर को कभी छोड़ा नहीं, बल्कि उन्हें आगे बढ़ाया है।विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के प्रमुख लाभों के बारे में बताते हुए कहा कि अब हर ग्रामीण परिवार को वर्ष में 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम में मजदूरी के लिए 15 दिनों की प्रतीक्षा नहीं करनी होगी, बल्कि मजदूर की मेहनत का मूल्य साप्ताहिक भुगतान के रूप में, सीधे उसके बैंक खाते में समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचेगा। कांग्रेस सरकार में क्या होता था? स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार में मनरेगा का क्या हाल था, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय मनरेगा में 2 लाख 13 हजार 220 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे, जबकि एनडीए की सरकार ने 8 लाख 53 हजार 810 करोड़ रुपए खर्च किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में मजदूर को कभी सम्मान नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में देखा गया। विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के प्रमुख लाभ – हर ग्रामीण परिवार को वर्ष में 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा।- मजदूरी के लिए 15 दिनों की प्रतीक्षा नहीं करनी होगी।- मजदूर की मेहनत का मूल्य साप्ताहिक भुगतान के रूप में, सीधे उसके बैंक खाते में समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचेगा।- बुआई-कटाई के महत्वपूर्ण 60 दिनों हेतु कार्य विराम का प्रावधान किया गया है, ताकि किसानों को समय पर मजदूर उपलब्ध हों और खेती की गति कभी न रुके।- वन क्षेत्रों में कार्य करने वाले आदिवासी श्रमिक भाइयों-बहनों को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए, उन्हें 25 दिनों का अतिरिक्त रोजगार प्रदान किया गया है। इस अवसर पर ,जिला अध्यक्ष हरवीर पाल , महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी , मेरठ हापुड़ लोकसभा सांसद अरुण गोविल, राज्य सभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपई, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधान सभा परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज, कमल दत्त शर्मा, महानगर उपाध्यक्ष संजय त्रिपाठी महामंत्री महेश बाली अरविंद गुप्ता मारवाड़ी , क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा मीडिया प्रभारी अमित शर्मा गौरव मलिक आदि उपस्थित रहे।