हाथियों का झुंड रेलवे लाइन पार कर गांवों में घुसा:पीलीभीत में किसान ने रातभर जागकर फसलों की कर रहे रखवाली

पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से सटे ग्रामीण इलाकों में हाथियों का झुंड पिछले 11 दिनों से सक्रिय है। नए साल के पहले दिन से ही माला रेंज से निकले इन हाथियों ने महुआ, सिरसा सरदाह और गोयल कॉलोनी सहित आधा दर्जन गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचाया है। रविवार को यह झुंड रेलवे लाइन पार कर रिहायशी इलाकों के करीब पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। रविवार को हाथियों का झुंड जंगल से बाहर आया और रेलवे लाइन पार कर महुआ से सिरसा सरदाह गौटिया होते हुए दियुरी गांव तक पहुंच गया। इस दौरान हाथियों ने किसानों की गेहूं और गन्ने की खड़ी फसलों को रौंद दिया। आबादी की ओर हाथियों के बढ़ने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई। अपनी फसलों को बचाने के लिए ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने हाथियों को भगाने के लिए ट्रैक्टरों की हेडलाइट जलाई, मोटरसाइकिलों का शोर किया और पटाखे फोड़े। सैकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर हाथियों के पीछे दौड़े और ढोल-नगाड़े बजाकर शोर मचाया, जिसके बाद हाथियों का झुंड वापस जंगल की ओर चला गया। स्थानीय किसानों के अनुसार, 1 जनवरी से वे अपनी फसलों की रखवाली के लिए रात भर जाग रहे हैं। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद किसान अलाव जलाकर खेतों में डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि हाथियों का यह दल न केवल फसलें बर्बाद कर रहा है, बल्कि अब रिहायशी इलाकों के करीब पहुंचने से जान का खतरा भी बढ़ गया है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची है। वन अधिकारियों ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।