बागपत/मेरठ। मेरठ के कपसाढ़ गांव में मां की हत्या और बेटी के अपहरण के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे बागपत आम आदमी पार्टी (आप) के जिलाध्यक्ष एडवोकेट ओमबीर सिंह को बागपत पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। इस कार्रवाई से पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई और क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। रविवार को बागपत कोतवाली पुलिस ग्राम बली स्थित ओमबीर सिंह के आवास पर पहुंची और उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के कारण ओमबीर सिंह कपसाढ़ गांव जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं कर सके। इस जानकारी के मिलने पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन पर लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। हाउस अरेस्ट के दौरान ओमबीर सिंह ने कहा कि कपसाढ़ गांव की घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने बताया कि मां की हत्या और बेटी के अपहरण की इस गंभीर घटना के समय पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। ओमबीर सिंह ने प्रशासन से आग्रह किया कि मामले का तुरंत खुलासा किया जाए, दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि सरकार और प्रशासन जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को पीड़ितों से मिलने से रोकना अलोकतांत्रिक है और इससे लोकतंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। आप नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। पार्टी कार्यकर्ताओं ने भविष्य में इसी तरह की घटनाओं को रोकने और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई कराने की मांग भी की। इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मामले में सुरक्षा और न्याय की आवश्यकता पर जोर दिया। राजनीतिक दलों और समाजसेवी संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि पीड़ित परिवार को हर संभव मदद और सुरक्षा मुहैया कराई जाए। बागपत प्रशासन की इस कार्रवाई ने न केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया उत्पन्न की है, बल्कि समाज में पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशीलता और सुरक्षा के मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया है।