कानपुर में एंटी करप्शन की टीम ने जीआरपी के दरोगा को 5 हजार रुपए घूस लेते हुए अरेस्ट कर लिया। दरोगा ने शोर मचाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे दौड़ाकर अरेस्ट कर लिया। मंगलवार को दरोगा को कोर्ट में पेश किया जाएगा। दरअसल, अनवरगंज रेलवे स्टेशन पर मेंटीनेंस का काम चल रहा है। इसको लेकर ठेकेदार ई-रिक्शा से सामान लाता और ले जाता है। दरोगा ने ठेकेदार से कहा कि अगर रेलवे प्लेटफार्म पर ई-रिक्शा लाना और ले जाना है तो 5 हजार रुपए प्रति महीना देना होगा। इसके बाद ठेकेदार ने एंटी करप्शन टीम से दरोगा की शिकायत कर दी। दरोगा ने पकड़े जाने के बाद शोर मचाया और भागने की कोशिश की
कानपुर अनवरगंज स्टेशन पर जीआरपी की अनवरगंज चौकी है। यह फर्रुखाबाद जीआरपी थाने की चौकी है। अनवरगंज जीआरपी चौकी दरोगा प्रेम चंद्र तैनात थे। अनवरगंज रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म के मेंटीनेंस का काम चल रहा है। मेंटीनेंस का काम कर रहे ठेकेदार फिरोजाबाद टुंडला थाना क्षेत्र बड़ा कुआं निवासी संदीप कुमार ने बताया कि उनसे जीआरपी का दरोगा प्रेम चंद्र ने प्लेटफॉर्म पर मलबा डालने के लिए ई-रिक्शा लाने और ले जाने के लिए 5 हजार रुपए महीने की घूस वसूल रहा था। ठेकेदार संदीप ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन थाना कानपुर में शिकायत की। मामले का संज्ञान लेते हुए एंटी करप्शन इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन राय ने अपनी टीम के साथ जाल बिछाया। इसके बाद ठेकेदार से घूस देने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर-1 के किनारे पैदल पुल के नीचे ठेकेदार से कॉल करके बुलवाया। ठेकेदार से जैसे ही दरोगा प्रेम चंद्र ने 5 हजार रुपए घूस लिया, टीम ने रंगेहाथों दबोच लिया। पांच-पांच सौ की 10 नोट की घूस के साथ दरोगा को दबोच लिया। इस दौरान दरोगा ने वहां से भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने दबोच लिया और अपनी गाड़ी में जबरन बैठाया। इसके बाद कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराकर दाखिल कर दिया। अब घूसखोर दरोगा को मंगलवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा। टीम ने बतौर साक्ष्य रंगेहाथों पकड़ने के साथ ही कॉल रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी समेत अन्य साक्ष्य भी जुटाए हैं।