मेरठ के सुभारती विश्वविद्यालय में मनाया गया राष्ट्रीय युवा दिवस:5 किलोमीटर रन फॉर स्वदेशी दौड़ से कार्यशाला और प्रदर्शनी तक , सुभारती में विविध आयोजन

सुभारती विश्वविद्यालय में 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं में स्वदेशी भावना, मानसिक स्वास्थ्य, राष्ट्र निर्माण और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम किए गए। आयोजन का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के विचारों को व्यवहारिक रूप से छात्रों तक पहुंचाना रहा। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित ‘रन फॉर स्वदेशी’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया। पाँच किलोमीटर की इस दौड़ का उद्देश्य युवाओं में आत्मनिर्भरता, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और फिटनेस के मूल्यों को बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में कुलपति ने युवाओं से कहा – मानसिक रूप से सशक्त और शारीरिक रूप से स्वस्थ युवा ही मजबूत राष्ट्र की नींव हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. कृष्णा मूर्ति ने युवाओं से स्वदेशी अपनाने की अपील की। दौड़ में एनएसएस, एनसीसी कैडेट्स और विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। स्वदेशी उत्पादों पर चर्चा और प्रदर्शनी लॉ कॉलेज में ‘स्वदेशी उत्पादों के उपयोग’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. राहुल बंसल ने छात्रों कोभारत में निर्मित उत्पाद अपनाकर अर्थव्यवस्था को बूस्टर डोज़ देने का संदेश दिया। फाइन आर्ट्स कॉलेज में छात्रों ने पोस्टर, पेंटिंग और वस्त्र शिल्प के माध्यम से स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की थीम को प्रदर्शित किया। यहाँ पाँच श्रेष्ठ प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। स्क्रीन टाइम और नशा सेवन पर कार्यशाला सत्यजीत रे सभागार में ‘युवा मानसिक विषय: स्क्रीन समय एवं नशा सेवन प्रबंधन’ पर कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें इस्कॉन मेरठ के आदि मनोहर दास ने डिजिटल संतुलन और आत्मसंयम पर टिप्स दिए।
सुभारती विश्वविद्यालय की वरिष्ठ नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. सीमा शर्मा ने युवाओं को नशे के जोखिम और रोकथाम के बारे में जागरूक किया। कार्यक्रम में फिल्म निर्माता अखिलेश वर्मा ने स्क्रीन टाइम कम करने के व्यावहारिक तरीके बताए। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के विद्यार्थी नई दिल्ली स्थित रामकृष्ण मिशन में आयोजित युवा मेला 2026 में शामिल हुए। मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा ने युवाओं से विवेकानंद के मार्ग पर चलकर राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उन्हें रामकृष्ण मिशन की ओर से शॉल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मेले में छात्रों को एचसीएल फाउंडेशन, न्यायपालिका, शिक्षा और मीडिया जगत के वक्ताओं को सुनने का अवसर मिला। स्वामी विवेकानंद पीठ की चेयर प्रोफेसर डॉ. मोनिका मेहरोत्रा ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों का परिचय प्रस्तुत किया।