कुशीनगर में बहू-सास का एकसाथ अंतिम संस्कार:एक ही चिता पर शव रखे, मुखाग्नि को नहीं तैयार हुए परिजन, सिर कूचकर मांस खा गया था युवक

कुशीनगर में मां और बेटी की हत्या करने वाले युवक को जेल भेज दिया गया। इसके बाद आज दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों शव एक ही चिता पर सजाए गए। लेकिन परिवार को कोई शख्स मुखाग्नि देने के लिए आगे नहीं आया। बाद में श्मशान घाट के कर्मचारियों ने चिता को आग दी। वारदात अहिरौली थाना क्षेत्र के परसा गांव की है। सिकंदर गुप्ता (30) अपनी मां रुना देवी और पत्नी प्रियंका की सिर कूचकर हत्या की थी। बाद में खोपड़ी का मांस भी खा गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी सिकंदर को जब गिरफ्तार कर लाया गया था, तब वह नशे में लग रहा था। परिवार के सदस्यों ने भी उसे नशे का आदी बताया है। अहिरौली के एसएचओ परविंदर राय ने बताया कि सिकंदर परिवार द्वारा नशे की लत पर रोक-टोक से नाराज था, और इसी गुस्से में उसने यह वारदात की। हालांकि, आरोपी सिकंदर ने पूछताछ में कुछ भी नहीं बताया और न ही उसे अपनी मां और पत्नी की हत्या का कोई अफसोस है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद कई बार पूछने पर भी वह सिर्फ थूकता रहा और कोई जवाब नहीं दिया। सिकंदर की बहन प्रतिमा की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया है। गांव में मातम पसरा हुआ है। मां और भाभी को खोने के बाद आरोपी की चारों विवाहित बहनें घर के बाहर रोती हुई मिलीं, जिन्हें गांव की महिलाएं ढांढस बंधा रही थीं। आरोपी के घर पर ताला लगा हुआ है और चाबी किसके पास है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। आरोपी के जीजा अद्द्या गुप्ता और गांव के कुछ लोग पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। अद्द्या गुप्ता ने बताया कि सिकंदर के जेल जाने के बाद परिवार में कोई ऐसा नहीं है जो अंतिम संस्कार कर सके। मृतक मां रुना की चार बेटियां दामाद हैं। साथ ही बहू प्रियंका के पिता और परिजन हैं। लेकिन किसी ने अंतिम संस्कार नहीं किया। हेतिमपुर घाट के अंत्येष्टि स्थल पर तैनात वाल्मीकि समाज के कर्मचारी ने सास बहू की चिता में आग लगाई। नगर पालिका के कर्मचारी दिलीप बांसफोड़ ने बताया – मां और पत्नी की हत्या युवक ने किया। उनके रिश्तेदार लेकर आए थे यहां आग देने के लिए कोई नहीं था तो हम लोगों ने ही सारा काम किया है। हमारे सहयोगी चंद्रेश ने आग दी है। हम लोग यही दुआ करेंगे कि ऐसी घटना किसी के साथ ना हो। उन्होंने कहा कि वे रिश्तेदार मिलकर हेतिमपुर घाट पर मां और पत्नी का अंतिम संस्कार कर अपने दायित्वों का निर्वाह करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वे चाहते थे कि पुलिस सिकंदर को छोड़ दे ताकि वह अंतिम संस्कार कर सके, लेकिन अब यह संभव नहीं है।