शहर में लोहड़ी का जश्न:अलाव जलाकर भांगड़ा-गिद्दा किया, कई इलाकों में हुआ आयोजन

कानपुर में लोहड़ी का त्योहार पूरे जोश और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। शहर के मौसम में ठंडक के बावजूद, लोहड़ी के जश्न की गर्मी ने हर तरफ उल्लास और उमंग भर दिया। गुरुद्वारों, आवासीय कॉलोनियों और पार्कों में विशेष आयोजन हुए। जेके मंदिर परिसर में सिख समुदाय के लोगों ने लोहड़ी पर पूजा-अर्चना की और जमकर नृत्य किया। कार्यक्रम में रिदम ग्रुप द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं, जिन्होंने लोहड़ी पर्व के उल्लास, सामाजिक सौहार्द और पारंपरिक महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। गुमटी नंबर-5 स्थित संत नगर चौराहे पर भी लोहड़ी के त्योहार पर भव्य आयोजन किया गया। यहां महिलाएं और पुरुष दोनों ही ढोल नगाड़े की थाप पर जमकर थिरकते हुए नजर आए। इस कार्यक्रम में उद्योगपति विजय कपूर और पूर्व विधायक अजय कपूर भी शामिल हुए। वे बच्चों को गोद में लेकर नृत्य करते दिखे। शाम ढलते ही शहर के विभिन्न इलाकों में अलाव जलाए गए। चावल के नए दाने (लावा), तिल, गुड़, मूंगफली और रेवड़ियों की मीठी खुशबू हवा में घुल गई। बच्चे और युवा टोलियां बनाकर “लोहड़ी, लोहड़ी…” के जयकारे लगाते हुए घर-घर गए। बोनफायर के चारों ओर परिवार और दोस्त इकट्ठा हुए, आग सेकते हुए, मूंगफलियां भुनते हुए और पारंपरिक गीत गाते हुए। “सुंदर मुंदरिए हो…” और “दुल्हा बट्टी वाले आया…” जैसे गीतों की धुनों पर युवाओं ने भांगड़े और गिद्दे के जोशीले डांस किए। कई आवासीय समितियों ने सामूहिक लोहड़ी समारोहों का आयोजन किया, जहां डीजे, पंजाबी संगीत और स्वादिष्ट पकवानों की धूम रही। घरों में मक्के की रोटी और सरसों का साग, मीठी खिचड़ी और गुड़ से बनी मिठाइयां बनाई गईं। रिश्तेदारों और पड़ोसियों के बीच मिठाइयों और रेवड़ियों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे पारिवारिक सौहार्द और मजबूत हुआ।