लखनऊ में ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट महिला से ब्लैकमेलिंग:सोशल मीडिया पर फेक प्रोफाइल बनाई, बदनामी के लिए अश्लील मैसेज भेजे

लखनऊ के इंदिरा नगर में महिला सामाजिक कार्यकर्ता (मानवाधिकार) ने तीन लोगों पर षड्यंत्र के तहत लगातार मानसिक उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता वर्तमान में युवा सशक्तिकरण संस्थान (Human Rights) की मैनेजिंग ट्रस्टी हैं। पीड़िता का कहना है आरोपियों ने फर्जी सोशल मीडिया आईडी संगठन की महिला उपाध्यक्ष को भी मैसेज करके अनर्गल बातें लिखीं। इंदिरा नगर निवासी पीड़िता युवा सशक्तिकरण संस्थान में तैनात हैं। उन्होंने बताया अंशिका रावत, उसका भाई आयुष रावत और मां रंजीता रावत लगातार फोन कॉल, वॉट्सऐप संदेश और सोशल मीडिया के जरिए अश्लील, अपमानजनक और गाली-गलौज वाले मैसेज भेज रहे हैं। इन मैसेज में उनके चरित्र पर झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाए गए। जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर असर हुआ है। बदनाम करने के लिए किए मैसेज 5 जनवरी को अंशिका रावत और आयुष रावत ने अपनी-अपनी इंस्टाग्राम आईडी से उनके संगठन की महिला उपाध्यक्ष को मैसेज भेजकर उनके खिलाफ आपत्तिजनक और अश्लील आरोप लगाए। इन मैसेज का उद्देश्य बदनाम करना, मानसिक दबाव बनाना और अवैध रूप से धन की मांग कर ब्लैकमेल करना था। आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता के नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर भ्रामक और अपमानजनक मैसेज भी भेजे। इसके अलावा अंशिका रावत ने अश्लील फोटो/वीडियो वायरल करने की धमकी दी, जबकि ऐसा कोई वास्तविक साक्ष्य उनके पास नहीं है। पुलिस से नहीं डरते आरोपी पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनके पति और परिवार को जान से मारने की धमकी दी और कहा कि उन्हें पुलिस या कानून का कोई डर नहीं है। वे उन्हें झूठे मामलों में फंसा सकते हैं। पीड़िता का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और ब्लैकमेलिंग से वह गंभीर मानसिक तनाव में हैं। उन्हें अपने तथा परिवार की जान-माल की सुरक्षा को लेकर खतरा है। पीड़िता ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। इंस्पेक्टर गाजीपुर राजेश मौर्य का कहना है पुलिस मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच कर रही है।